खून के आंसू रो रहे अमेरिका के सोयाबीन किसान, चीन ने खोदी कब्र, केवल ट्रंप जिम्मेदार
US Soybean Crisis: ट्रंप का टैरिफ उनके देश के किसानों के लिए ही सिर का दर्द बन गया है. माना जा रहा है कि ट्रंप अगर टैरिफ को लेकर पीछे नहीं हटे तो सोयाबीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए चीन ब्राजील और अर्जेंटीना को प्राथमिकता दे सकता है.
US Soybean Crisis 2025: ट्रंप का टैरिफ युद्ध उनके ही देश के लोगों के लिए नासूर बन गया है. इस शरद ऋतु में अमेरिकी किसान न्यू मैक्सिको राज्य जितने विशाल क्षेत्र में सोयाबीन की फसल काट रहे हैं, लेकिन उनके सबसे बड़े ग्राहक चीन ने अमेरिका से सोयाबीन खरीदने पर बैन लगा दिया है. चीन के इस फैसले से अमेरिका के लाखों किसानों की अरबों रुपए की सोयाबीन की फसल बर्बाद हो सकती है.
पिछले साल चीन ने अमेरिका से खरीदी थी 13 अरब डॉलर की सोयाबीन
पिछले साल चीन ने अमेरिका से 13 अरब डॉलर रुपए (कुल फसल का 20% से अधिक) की सोयाबीन खरीदी थी, लेकिन इस बार चीन ने एक भी खेप बुक नहीं की.
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आर्थिक शत्रुता
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चीन के सोयाबीन बहिष्कार को 'आर्थिक शत्रुता' करार दिया. उन्होंने सोयाबीन खरीद बहाल करने को मुख्य मांग बनाया.
ट्रंप का टैरिफ उनके देश के किसानों के लिए ही सिर का दर्द बन गया है. माना जा रहा है कि ट्रंप अगर टैरिफ को लेकर पीछे नहीं हटे तो सोयाबीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए चीन ब्राजील और अर्जेंटीना को प्राथमिकता दे सकता है.