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चिली के जंगलों में लगी आग, राष्ट्रपति बोरिक ने घोषित की इमरजेंसी; 18 लोगों की गई जान

साउथ अमेरिका के चिली के एक जंगल में आग लगने से करीब 18 लोगों की जान चली गई है. चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने सेंट्रल बायोबियो क्षेत्र और पास के नुबल क्षेत्र में इमरजेंसी घोषित कर दी है.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: साउथ अमेरिका के चिली के एक जंगल में तेजी से आग फैल गई, जिसके चलते करीब 18 लोगों की जान चली गई. इस घटना में सैकड़ों घर तबाह हो गए. बता दें कि बायोबियो और नुबल इलाकों में सबसे ज्यादा हालात खराब हैं, जहां पर टेम्प्रेचर 39 डिग्री है. तेज हवाओं ने आग को और बढ़ा दिया है. 

चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने सेंट्रल बायोबियो क्षेत्र और पास के नुबल क्षेत्र में इमरजेंसी घोषित कर दी है, जो राजधानी सैंटियागो से लगभग 500 किलोमीटर दक्षिण में हैं. इस फैसले से सरकार को आग पर काबू पाने और इमरजेंसी को मैनेज करने के लिए सेना के साथ मिलकर काम करने की अनुमति मिलती है. 

आग पर पाया जाएगा काबू: सुरक्षा मंत्री 

चिली के सुरक्षा मंत्री के अनुसार, “इमरजेंसी घोषित होने से सेना के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर दो दर्जन जंगल की आग पर काबू पाया जा सकेगा, जिसने अब तक 8,500 हेक्टेयर जमीन को जला दिया है और 50,000 लोगों को अपना घर छोड़कर जाना पड़ा है."

हालांकि, स्थानीय लीडर्स और निवासियों ने कहा कि केंद्र सरकार से मदद मिलने में देरी हुई. मदद पहुंचने से पहले कई इलाके घंटों तक जलते रहे. तटीय शहर पेंको के मेयर रोड्रिगो वेरा ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनका समुदाय आग की चपेट में था और लंबे समय तक सरकार की कोई मौजूदगी नहीं थी. उन्होंने सवाल किया कि अधिकारी तुरंत कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ मदद का वादा क्यों कर रहे थे.

आसमान में छाया घना धुआं:

कई निवासियों ने बताया कि आधी रात के बाद अचानक आग लग गई, जिससे वे हैरान रह गए. कुछ लोग इसलिए नहीं निकले क्योंकि उन्हें लगा कि आग जंगल के किनारे पर रुक जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पेंको में, घना धुआं आसमान में छा गया, जिससे आसमान ऑरेंज हो गया. घर, कारें, एक स्कूल और यहां तक कि एक चर्च भी जल गया. लोग घबराकर भागे, अंधेरे में अपने बच्चों के साथ दौड़ रहे थे. 

कॉन्सेप्सियन के एक इलाके में, अधिकारियों ने पुष्टि कर कहा है कि करीब 253 घर नष्ट हो गए. घरों, कारों, खेतों और सड़कों के किनारे शव मिले. निवासियों ने बताया कि वे कुछ पीड़ितों को व्यक्तिगत रूप से जानते थे, जिससे यह त्रासदी समुदाय के लिए और भी दर्दनाक हो गई.