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India Daily

ChatGPT को बनाया डायरी, खुल गया चीनी दमन अभियान का राज! फर्जी मौत से लेकर विदेशी नेताओं तक साजिश का खुलासा

एक चीनी कानून प्रवर्तन अधिकारी ने ChatGPT को व्यक्तिगत डायरी की तरह इस्तेमाल किया, जिससे विदेश में रहने वाले चीनी आलोचकों के खिलाफ दमन अभियान का राज खुल गया. ओपनएआई ने इसे पकड़कर अकाउंट बंद कर दिया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
ChatGPT को बनाया डायरी, खुल गया चीनी दमन अभियान का राज! फर्जी मौत से लेकर विदेशी नेताओं तक साजिश का खुलासा
Courtesy: grok

नई दिल्ली: आज के डिजिटल दौर में गोपनीय बातें साझा करने के लिए एआई चैटबॉट को भरोसेमंद समझना खतरनाक साबित हो सकता है. एक चीनी अधिकारी ने यही गलती की. उसने ChatGPT को अपनी तरह-तरह की योजना और घटनाओं का डायरी बनाकर इस्तेमाल किया. नतीजा यह हुआ कि ओपनएआई की जांच में चीन की ओर से चलाए जा रहे बड़े पैमाने पर दमन अभियान का पर्दाफाश हो गया. यह अभियान सिर्फ आलोचकों तक सीमित नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव डालने की कोशिशें भी शामिल थीं.

ChatGPT ने खोला बड़ा राज

ओपनएआई की नई रिपोर्ट के मुताबिक, एक यूजर ने चैटजीपीटी को लगातार डायरी की तरह इस्तेमाल किया. इसमें उसने विदेश में बसे चीनी आलोचकों को डराने-धमकाने की योजनाएं लिखीं. अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारी बनकर चेतावनी भेजना, जाली अदालती दस्तावेज बनाना और सोशल मीडिया पर अकाउंट हटवाने की कोशिशें जैसी बातें डायरी में दर्ज थीं. 

सैकड़ों लोग, हजारों फर्जी अकाउंट

यह अभियान बेहद संगठित था. इसमें सैकड़ों लोग शामिल थे और हजारों फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट इस्तेमाल किए गए. ओपनएआई के विशेषज्ञ बेन निम्मो ने इसे आधुनिक ट्रांसनेशनल दमन का उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ ऑनलाइन ट्रोलिंग नहीं, बल्कि हर जगह, हर तरीके से विरोधियों को चुप कराने की औद्योगिक कोशिश है. 

जाली मौत की अफवाह फैलाई

अभियान का एक हिस्सा किसी असंतुष्ट की मौत की फर्जी खबर फैलाना था. यूजर ने ChatGPT से जाली शोक-संदेश और कब्र की तस्वीरें बनाने की बात की. 2023 में वॉयस ऑफ अमेरिका ने भी ऐसी अफवाह की खबर दी थी. ओपनएआई ने इन विवरणों से वास्तविक घटनाओं का मिलान किया और अभियान की पुष्टि की.

विश्व नेताओं तक पहुंचा निशाना

अभियान सिर्फ असंतुष्टों तक नहीं रुका. यूजर ने ChatGPT से जापान की आगामी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के खिलाफ योजना मांगी. अमेरिका के टैरिफ से जापान में गुस्सा भड़काने और सोशल मीडिया पर नकारात्मक माहौल बनाने की सलाह ली गई. ओपनएआई ने संदिग्ध गतिविधि देखते ही अकाउंट पर रोक लगा दी.