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India Daily

'कनाडा सिखों का दूसरा घर...', गुरुद्वारा पहुंचे PM कार्नी ने पत्नी संग लंगर परोसकर जीता लोगों का दिल; देखें वीडियो

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सिख विरासत माह पर ओटावा के गुरुद्वारे में जाकर अरदास की और लंगर सेवा में हिस्सा लिया. उन्होंने सिख समुदाय को देश का अहम हिस्सा बताते हुए कनाडा को उनका दूसरा घर कहा.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'कनाडा सिखों का दूसरा घर...', गुरुद्वारा पहुंचे PM कार्नी ने पत्नी संग लंगर परोसकर जीता लोगों का दिल; देखें वीडियो
Courtesy: @MarkJCarney X account

नई दिल्ली: ओटावा में सिख हेरिटेज माह के अवसर पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने सिख समुदाय के प्रति सम्मान और जुड़ाव का संदेश दिया. इस दौरान उनकी पत्नी डायना फॉक्स कार्नी भी उनके साथ मौजूद रहीं और दोनों ने मिलकर गुरुद्वारा साहिब में सेवा कार्यों में भाग लिया.

प्रधानमंत्री कार्नी गुरुद्वारा पहुंचने के बाद सिख परंपराओं का पालन करते हुए अरदास में शामिल हुए और संगत के साथ समय बिताया. इस दौरान उन्होंने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर सिख समुदाय के प्रति अपनी आस्था और सम्मान को व्यक्त किया.

क्या था कार्यक्रम का सबसे खास पल?

कार्यक्रम का सबसे खास पल तब देखने को मिला जब प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने लंगर सेवा में हिस्सा लिया. दोनों ने खुद अपने हाथों से संगत को भोजन परोसा और सेवादारों के साथ मिलकर सेवा की. इस दृश्य ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया और लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.

प्रधानमंत्री कार्नी ने क्या कहा?

इस मौके पर बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग मौजूद रहे, जिन्होंने प्रधानमंत्री की इस पहल को सराहा. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि कनाडा दुनिया में सिखों की बड़ी आबादी का घर है और यह समुदाय देश की पहचान और विकास में अहम भूमिका निभाता है.

PM कार्नी ने अपने संदेश में क्या कहा?

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सिख कनाडाई लोगों ने देश की समृद्धि, समाज की मजबूती और एक बेहतर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्होंने कनाडा को सिखों का दूसरा घर बताते हुए इस समुदाय के प्रति आभार व्यक्त किया.

कब मनाया जाता है सिख विरासत माह?

सिख विरासत माह हर साल अप्रैल में मनाया जाता है, जिसमें सिख समुदाय के इतिहास, संस्कृति और योगदान को याद किया जाता है. इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. इसी महीने बैसाखी का पर्व भी मनाया जाता है, जो सिख इतिहास में खास महत्व रखता है. यह आयोजन न केवल सिख समुदाय के योगदान को सम्मान देने का अवसर है बल्कि विभिन्न संस्कृतियों के बीच एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है.