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होर्मुज संकट के बीच अरब सागर में हुई ब्रिटिश पनडुब्बी की एंट्री, संयुक्त राष्ट्र, WHO ने दी गंभीर तबाही की चेतावनी

होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन की परमाणु पनडुब्बी की तैनाती से हालात और गंभीर हो गए हैं. वैश्विक संस्थाओं ने तेल, खाद्य और स्वास्थ्य संकट की चेतावनी दी है.

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Sagar Bhardwaj

मध्य पूर्व में जारी तनाव अब वैश्विक चिंता का कारण बनता जा रहा है. डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले को टालने के बावजूद हालात सामान्य नहीं हुए हैं. इसी बीच ब्रिटेन की परमाणु पनडुब्बी HMS Anson के अरब सागर में पहुंचने से स्थिति और संवेदनशील हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने दुनिया भर के बाजारों और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है.

होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता दबाव

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में गिना जाता है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है. हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है और कई जहाजों को इंतजार करना पड़ रहा है. इससे साफ है कि इस समुद्री रास्ते पर अनिश्चितता और डर का माहौल बन चुका है.

वैश्विक संगठनों की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और संयुक्त राष्ट्र ने इस संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई है. डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि यदि परमाणु ठिकानों पर हमला होता है, तो इसका असर केवल युद्ध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण पर भी दूरगामी प्रभाव पड़ेगा.

खाद्य और मानवीय संकट का खतरा

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेतावनी दी है कि युद्ध बढ़ने पर वैश्विक खाद्य आपूर्ति पर गहरा असर पड़ सकता है. पहले से ही करोड़ों लोग भूख से जूझ रहे हैं, ऐसे में हालात बिगड़ने पर और अधिक लोगों के प्रभावित होने की आशंका है. इससे बड़े पैमाने पर पलायन और शरणार्थी संकट भी बढ़ सकता है.

संभावित आर्थिक और पर्यावरणीय असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट में बाधा आती है, तो तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जिसका असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. वहीं किसी भी परमाणु हमले की स्थिति में रेडिएशन फैलने, बीमारियों के बढ़ने और पर्यावरण को स्थायी नुकसान का खतरा रहेगा.