नई दिल्ली: 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा की कि अगले साल चीन संगठन की अध्यक्षता संभालेगा. इसके साथ ही 19वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भी चीन करेगा. शी ने कहा कि अध्यक्षता के दौरान चीन सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर आपसी सहमति बनाने और आगे की योजनाओं को जमीन पर उतारने की कोशिश करेगा. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके बयान की जानकारी साझा की.
चीन की अगली अध्यक्षता ऐसे समय में होगी, जब BRICS का दायरा लगातार बढ़ रहा है और दुनिया में कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है. शी जिनपिंग ने कहा कि चीन सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर BRICS सहयोग के तीसरे स्वर्णिम दशक की शुरुआत करने का प्रयास करेगा. उनके मुताबिक, संगठन के भीतर सहयोग और आम सहमति को आगे बढ़ाना प्राथमिकता रहेगी. इस ऐलान ने अगले साल BRICS की दिशा और चीन की भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ा दी है.
BRICS बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने मध्य-पूर्व में जारी युद्धों को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि इन संघर्षों का सबसे गंभीर असर आम लोगों पर पड़ रहा है. उनके अनुसार, लगातार चल रही लड़ाई संबंधित देशों के लोगों को नुकसान पहुंचाने के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के भी खिलाफ है. चीन ने विवादों का समाधान राजनीतिक बातचीत के जरिए निकालने की अपील की है. शी ने स्थायी और व्यापक युद्धविराम के लिए प्रयास करने की बात भी कही.
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन दूसरे BRICS देशों के साथ मिलकर मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता कायम करने में अपनी भूमिका निभाएगा. BRICS नेताओं ने भी मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयास मजबूत करने की जरूरत बताई है. नई दिल्ली में जारी 2026 नई दिल्ली घोषणा में नेताओं ने कहा कि दुनिया में ध्रुवीकरण और अविश्वास बढ़ रहा है. ऐसे माहौल में बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्षों को रोकने पर जोर देना जरूरी है.
BRICS नेताओं ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों का सामना राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से किया जाना चाहिए. उनके मुताबिक, विवादों की मूल वजहों को समझकर समाधान तलाशना भी जरूरी है. घोषणा में यह बात भी रखी गई कि दुनिया के देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी हुई है. नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान बातचीत और सलाह-मशवरे के जरिए निकालने की प्रतिबद्धता दोहराई. क्षेत्रीय संगठनों को भी संघर्ष रोकने और समाधान खोजने में अहम भूमिका निभाने वाला बताया गया.
BRICS नेताओं का मानना है कि क्षेत्रीय संगठन विवादों को बढ़ने से रोकने और उनके शांतिपूर्ण समाधान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं. अगले साल चीन की अध्यक्षता इसी वैश्विक माहौल के बीच शुरू होगी. चीन ने संकेत दिया है कि वह सदस्य देशों के बीच सहयोग और आम सहमति बढ़ाने पर ध्यान देगा. साथ ही BRICS सहयोग के तीसरे स्वर्णिम दशक की शुरुआत को भी अपनी अध्यक्षता की प्रमुख दिशा बनाएगा. इससे संगठन की आगे की प्राथमिकताओं पर दुनिया की नजर रहेगी.