क्या है ब्राजील का 'कमांडो वर्मेल्हो' गैंग जिस पर 2500 पुलिसवालों ने बोला धावा, मुठभेड़ में 64 की मौत, 81 गिरफ्तार
ब्राजील की राजधानी रियो डी जनेरियो में पुलिस ने देश के सबसे पुराने और खतरनाक गैंग कमांडो वर्मेल्हो के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. 2500 पुलिसकर्मियों ने 'ऑपरेशन कंटेंनमेंट' चलाया, जिसमें 4 पुलिसवालों समेत 64 लोग मारे गए.
ब्राजील की सड़कों पर खून की बारिश उस वक्त हुई जब राजधानी रियो डी जनेरियो में सुरक्षा एजेंसियों ने कमांडो वर्मेल्हो गैंग पर एक साथ हमला बोला.
करीब 2500 पुलिसकर्मी इस ऑपरेशन में शामिल हुए और घंटों चली गोलीबारी के बाद 64 लोगों की मौत हुई. यह गैंग ब्राजील का सबसे पुराना अपराधी संगठन है, जो ड्रग्स, हथियारों की तस्करी और अपहरण जैसे घातक अपराधों में लिप्त है.
ब्राजील का सबसे पुराना गैंग
कमांडो वर्मेल्हो, जिसे रेड कमांड भी कहा जाता है, की नींव 1970 के दशक में इल्हा ग्रांडे जेल में पड़ी थी. जेल में वामपंथी नेताओं और आम अपराधियों को एक साथ रखने से यह संगठन बना, जिसका मकसद पहले जेल के भीतर अपनी सुरक्षा था. लेकिन धीरे-धीरे यह संगठन अपराध की दुनिया में उतर गया और बाहर निकलकर ड्रग्स और हथियारों के काले कारोबार में शामिल हो गया.
गैंग को ‘कमांडो वर्मेल्हो’ नाम कैसे मिला
1979 में जेल प्रशासन ने इस संगठन को 'कमांडो वर्मेल्हो' नाम दिया, जिसका अर्थ है 'रेड कमांड.' 1980 के दशक तक यह गैंग रियो डी जनेरियो के गरीब इलाकों में फैल गया. धीरे-धीरे इसने कोलंबियाई कार्टेल और अमेजन क्षेत्र के तस्करों के साथ मिलकर कोकीन और अन्य ड्रग्स की सप्लाई शुरू की. 1985 तक रियो की झुग्गियों में ड्रग्स का 70% कारोबार इसी गैंग के कब्जे में था.
30 हजार से ज्यादा सक्रिय सदस्य
वर्तमान में गैंग का सरगना लुइज फर्नांडो दा कोस्टा है, जिसे 'फर्नान्डिन्हो बेरा-मार' कहा जाता है. वह जेल से ही अपने नेटवर्क को नियंत्रित करता है. इस समय गैंग के लगभग 30 हजार सदस्य पूरे ब्राजील में सक्रिय हैं. यह संगठन ड्रग्स, हथियारों की तस्करी, जबरन वसूली और अपहरण में प्रमुख भूमिका निभाता है, जिससे देश की कानून व्यवस्था पर लगातार खतरा बना हुआ है.
डिजिटल दुनिया में भी फैल चुका है गैंग का जाल
साल 2025 में रेड कमांड ने अपराध के नए डिजिटल रास्ते तलाशे. गैंग ने Rotax Mobili नाम का एक राइड-शेयरिंग ऐप लॉन्च किया, जिसका इस्तेमाल ड्रग्स की डिलीवरी के लिए किया गया. पुलिस ने बाद में इस ऐप को बंद कर दिया, लेकिन यह दिखाता है कि यह अपराधी संगठन अब तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहा है. इससे यह गैंग और ज्यादा खतरनाक और पकड़ में न आने वाला बन गया है.
गरीबों में 'मसीहा', असल में ‘खौफ का बादशाह’
कमांडो वर्मेल्हो गैंग रियो के गरीब इलाकों में खुद को ‘रक्षक’ के रूप में पेश करता है. यह लोगों में भोजन और मदद बांटकर सहानुभूति जुटाता है, लेकिन हिंसा और डर के जरिए अपना नियंत्रण कायम रखता है. यही वजह है कि कई झुग्गी इलाकों में पुलिस की नहीं, बल्कि इस गैंग की चलती है. जेल से शुरू हुआ यह संगठन अब रिहायशी इलाकों तक अपनी जड़ें फैला चुका है.
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