नई दिल्ली: बांग्लादेश से सामने आए एक वीडियो ने देश की कानून व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह वीडियो हबीगंज जिले के बनियाचोंग पुलिस स्टेशन का बताया जा रहा है. वीडियो में एक बांग्लादेशी छात्र नेता थाने के अंदर बैठकर खुलेआम एक हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या की बात स्वीकार करता दिख रहा है. वह खुद को ताकतवर बताते हुए पुलिस को धमकी देता है और थाने को जलाने की बात कहता है.
वीडियो को खोजी पत्रकार शाहिदुल हसन खोकन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया है. उनके अनुसार वीडियो में दिख रहा युवक हबीगंज जिले का छात्र कोऑर्डिनेटर है. वीडियो में युवक ऑफिसर इन चार्ज के सामने बैठा नजर आता है और कहता है कि जुलाई आंदोलन 2024 के दौरान उसने बनियाचोंग पुलिस स्टेशन में आग लगाई थी. वह यह भी कहता है कि उसी दौरान हिंदू पुलिस अधिकारी सब इंस्पेक्टर संतोष भाभू को जला दिया गया था.
The boy is a student coordinator from Habiganj district.
— Sahidul Hasan Khokon (@SahidulKhokonbd) January 2, 2026
He is openly threatening the Officer-in-Charge of a police station, saying he will burn the station down.
He even boasts that during the July movement they had already set the Baniachong police station on fire.
He goes even… pic.twitter.com/CNzirf99Vg
यह घटना उस समय की है जब बांग्लादेश में राजनीतिक हालात बेहद तनावपूर्ण थे. पांच अगस्त 2024 को तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा दिया था. उसी दिन हबीगंज जिले में हिंसा भड़क उठी थी. बनियाचोंग पुलिस स्टेशन पर एक बड़ी भीड़ ने हमला कर दिया था.
रिपोर्ट्स के अनुसार भीड़ को काबू में करने के लिए सब इंस्पेक्टर संतोष भाभू और अन्य पुलिसकर्मियों ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाई थीं. इस फायरिंग में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. कई अन्य लोग घायल हुए थे और एक व्यक्ति की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी.
उसी रात करीब एक बजे भीड़ दोबारा लौट आई और पुलिस स्टेशन को घेर लिया. जब सेना मौके पर पहुंची तो भीड़ ने कथित तौर पर अन्य पुलिसकर्मियों को छोड़ने की शर्त पर संतोष भाभू को अपने हवाले करने की मांग की. रिपोर्ट के मुताबिक रात करीब दो पंद्रह बजे संतोष भाभू को पीट पीटकर मार डाला गया.
इसके बाद उनके शव को सड़क पर फेंक दिया गया और अगले दिन तक उसका अपमान किया गया. हालांकि वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.