बांग्लादेश में बड़ा सियासी उलटफेर, राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया इस्तीफा; जानिए क्यों छोड़ना पड़ा पद
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. लंदन यात्रा के दौरान शेख हसीना से संपर्क की कोशिश को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बाद उनके इस्तीफे की अटकलें तेज थीं.
नई दिल्ली: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा देकर देश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है. पिछले कुछ दिनों से उनके पद छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं, जो अब सच साबित हुई हैं. बताया जा रहा है कि हाल में शेख हसीना से संपर्क साधने की कोशिश को लेकर उनकी राजनीतिक निष्पक्षता पर सवाल उठे थे. इसी बीच उनका इस्तीफा कई नए राजनीतिक संकेत दे रहा है.
बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 50(3) के तहत राष्ट्रपति ने स्पीकर को संबोधित हस्ताक्षरित पत्र देकर अपने पद से इस्तीफा दिया. उनके इस फैसले के साथ ही देश में नए राष्ट्रपति की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.
Also Read
शेख हसीना से संपर्क बना विवाद की वजह
रिपोर्टों के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी कारणों से लंदन गए राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने वहां पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से संपर्क करने की कोशिश की थी. इसके बाद उनकी राजनीतिक निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे. बांग्लादेश में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई और विपक्षी दलों ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी.
बदले राजनीतिक माहौल में बढ़ा दबाव
सत्ता परिवर्तन के बाद शेख हसीना भारत में रह रही हैं, जबकि बांग्लादेश में वर्तमान सरकार का नेतृत्व प्रधानमंत्री तारिक रहमान कर रहे हैं. शेख हसीना और तारिक रहमान लंबे समय से एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं. ऐसे माहौल में राष्ट्रपति की भूमिका को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही.
कार्यकाल पूरा होने से पहले छोड़ा पद
मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 अप्रैल 2023 को बांग्लादेश के 22वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला था. उनका संवैधानिक कार्यकाल अप्रैल 2028 तक था. हालांकि, उन्होंने लगभग दो वर्ष पहले ही इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों को चौंका दिया. इससे पहले भी उनके इस्तीफे की संभावनाओं को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं.
अब आगे क्या होगा?
राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद अब सभी की नजर अगली संवैधानिक प्रक्रिया पर है. नए राष्ट्रपति के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है. साथ ही यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब शेख हसीना ने दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने की घोषणा की है. ऐसे में आने वाले दिनों में देश की राजनीति और अधिक सक्रिय रहने के संकेत मिल रहे हैं.