परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं... ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने अमेरिका-इजरायल के आरोपों को बताया झूठा

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने परमाणु हथियार बनाने के अमेरिकी आरोप को खारिज किया.

X
Ashutosh Rai

Masoud Pezeshkian : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका और इजराइल के हमलों को लेकर कई सवाल उठाए हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम नियमों के तहत है. उन्होंने अमेरिका के आरोपों को प्रचार बताते हुए परमाणु मुद्दे पर बातचीत की इच्छा भी जताई.

परमाणु हथियार के आरोप को किया खारिज

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं कर रहा है. उनके मुताबिक, ईरान की परमाणु गतिविधियों की लगातार अंतरराष्ट्रीय निगरानी होती रही है और तेहरान ने तय नियमों के भीतर ही काम किया है. उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाया कि ईरान के न्यूक्लियर एनरिचमेंट कार्यक्रम को हमले का कारण बताया जा रहा है. ईरानी राष्ट्रपति ने सवाल किया कि अगर ईरान के खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई को साबित करने के लिए ठोस सबूत कहां हैं। उन्होंने इन दावों को झूठा प्रचार बताया.

NPT के तहत बातचीत को तैयार ईरान

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान परमाणु अप्रसार संधि यानी NPT के तहत परमाणु मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है. हालांकि, उन्होंने अमेरिका के साथ तुरंत सीधी बातचीत शुरू करने की संभावना से इनकार किया. उनके अनुसार दोनों देशों के बीच भरोसा काफी टूट चुका है. उन्होंने बताया कि संघर्ष शुरू होने से पहले दोनों पक्ष बातचीत कर रहे थे और एक समझौते के करीब भी पहुंचे थे लेकिन बाद में अमेरिका के दोबारा हमले के कारण स्थिति बदल गई. पेजेशकियान ने कहा कि आगे बातचीत के लिए पहले भरोसे का माहौल बनाना जरूरी होगा.


खामेनेई की मौत का भी किया जिक्र

पेजेशकियान ने अमेरिका के साथ बातचीत मुश्किल होने की एक बड़ी वजह ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को बताया. उन्होंने कहा कि संघर्ष के पहले दिन हुई इस घटना ने ईरानी समाज में गहरा अविश्वास पैदा किया. राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे माहौल में अमेरिका के साथ सीधे बातचीत की मेज पर लौटना आसान नहीं है. उन्होंने अमेरिका से प्रतिबंध हटाने और हमले रोकने की मांग की. साथ ही इजराइल की परमाणु क्षमता की अंतरराष्ट्रीय जांच को लेकर भी सवाल उठाया. पेजेशकियान ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता लेकिन हमलों का जवाब देगा.