नतांज परमाणु केंद्र पर अब तक का सबसे बड़ा वार, अमेरिका और इजरायल की बमबारी से ईरान में मची खलबली
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल ने अब बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जानकारी के मुताबिक ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर बड़ा हमला हुआ है. अमेरिका-इजरायल ने जबरदस्त बमबारी की है.
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में सुरक्षा का समीकरण एक बार फिर बिगड़ गया है. ईरान का सबसे संवेदनशील और सुरक्षित माना जाने वाला नतांज परमाणु केंद्र ताजा हमले की चपेट में आ गया. अमेरिका और इजरायल पर इस हमले को अंजाम देने का आरोप लगा है. हालांकि, अब तक रेडिएशन लीक की कोई पुष्टि नहीं हुई है, जिससे बड़ी तबाही टल गई है.
ईरानी मीडिया के अनुसार, नतांज संवर्धन केंद्र को निशाना बनाया गया. विस्फोट की गूंज दूर-दराज के इलाकों तक सुनाई दी. शुरुआती जांच में ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आसपास के आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं. सबसे बड़ी राहत यह है कि परमाणु कचरा फैलने जैसी कोई घटना नहीं हुई.
हमले के पीछे की रणनीति क्या?
ईरान सरकार ने इस सैन्य कार्रवाई को अमेरिका और इजरायल की निरंतर रणनीति का हिस्सा बताया है. सरकार के अनुसार, दोनों देश मिलकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बाधित करने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं. इस हमले को उसी श्रृंखला की कड़ी माना जा रहा है, जिसका मकसद ईरान को सैन्य रूप से कमजोर करना है.
नतांज पर हमलों का पुराना इतिहास
नतांज केंद्र लंबे समय से हमलों का प्रमुख लक्ष्य रहा है. रिकॉर्ड बताते हैं कि साल 2025 से अब तक इस स्थल पर कई बार हमले हो चुके हैं. हर बार बुनियादी ढांचे और संवेदनशील उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, अब तक यह किस्मत रही कि पर्यावरण को कोई बड़ा खतरा नहीं आया है.
पिछले युद्ध की याद और भविष्य का खतरा
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष जून में इजरायल और ईरान के बीच 12 दिनों का भीषण युद्ध हुआ था. उस समय भी नतांज ही मुख्य निशाना था और अमेरिका सीधे तौर पर उस संघर्ष में शामिल हो गया था. अब फिर से इसी स्थान पर हमला होना संकेत देता है कि आने वाले दिनों में मध्य पूर्व के हालात और विस्फोटक हो सकते हैं.
बदलेगा समीकरण?
विश्लेषकों का मानना है कि यह हमला क्षेत्रीय युद्ध की आशंकाओं को फिर से हवा दे रहा है. हालांकि ईरान ने अभी तत्काल जवाबी कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नतांज केंद्र की सुरक्षा में बड़ी खामियां हैं, जिसका फायदा विरोधी देश बार-बार उठा रहे हैं.