Jayshankar On China: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ निर्बाध वार्ता का युग अब समाप्त हो गया है. साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दुनिया का कोई भी देश अपने पड़ोसियों के साथ चुनौतियों से मुक्त नहीं है, क्योंकि निकटता की प्रकृति ही अवसर और जटिलताएं दोनों लेकर आती है.
राजदूत राजीव सीकरी की पुस्तक स्ट्रेटेजिक कॉनड्रम्स रीशेपिंग इंडियाज फॉरेन पॉलिसी के विमोचन के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करना अंतिम निर्णय है.
#WATCH | Speaking on Pakistan at a book launch event in Delhi, External Affairs Minister Dr S Jaishankar says, "The era of uninterrupted dialogue with Pakistan is over. Actions have consequences. So far as J&K is concerned, Article 370 is done. So, the issue is what kind of… pic.twitter.com/41ZSq9VQHs
— ANI (@ANI) August 30, 2024
विदेश मंत्री ने कहा कि कार्रवाई के परिणाम होते हैं और जहां तक जम्मू-कश्मीर का सवाल है, मुझे लगता है कि (अनुच्छेद) 370 खत्म हो चुका है. इसलिए आज मुद्दा यह है कि हम पाकिस्तान के साथ किस तरह के रिश्ते पर विचार कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैं यह कहना चाहता हूं कि हम निष्क्रिय नहीं हैं. घटनाएं चाहें सकारात्मक या नकारात्मक दिशा में हों. हम प्रतिक्रिया करेंगे.
चीन को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि कि दुनिया के किसी भी देश के लिए पड़ोसी हमेशा एक पहेली होते हैं और इसी तरह बड़ी शक्तियां भी. उन्होंने कहा कि प्रमुख शक्तियां एक पहेली होंगी क्योंकि वे प्रमुख हैं, क्योंकि उनके हितों की व्यापकता है. उनके पास हमेशा एक एजेंडा होगा जो हमसे ओवरलैप करेगा. अलग जगह और अलग डिग्री पर. चीन के मामले में आपके सामने दोहरी पहेली है, क्योंकि वह एक पड़ोसी और एक बड़ी शक्ति है. इसलिए चीन के साथ चुनौतियां इस दोहरी परिभाषा में फिट बैठती हैं.
जयशंकर ने म्यांमार, श्रीलंका और मालदीव के साथ संबंधों की जटिलताओं पर भी चर्चा की और कहा कि हालांकि इन संबंधों में उतार-चढ़ाव जरूर आए हैं लेकिन ये क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग के लिए बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण हैं.