US Israel Iran War IMD Weather

अमेरिका रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन फिर हॉस्पिटल में भर्ती, इस बार सामने आई ये बीमारी

Lloyd Austin Hospitalized: अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन के बारे में हालिया खबरें चौंकाने वाली रही हैं. पिछले साल दिसंबर में ऑस्टिन को प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी के बाद कुछ समस्याएं हुई थीं, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था.

India Daily Live

अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन को इमरजेंसी ब्लैडर इश्यू के बाद अस्पताल ले जाया गया है. पेंटागन के मुताबिक उन्हें मंगलवार शाम करीब 2:20 बजे राष्ट्रीय सैन्य चिकित्सा केंद्र ले जाया गया. हालांकि, वह अभी भी रक्षा मंत्री के रूप में अपने काम को जारी रखेंगे. 

पेंटागन प्रवक्ता मेजर जनरल पैट राइडर ने बताया कि उप रक्षा मंत्री को सूचित कर दिया गया है और वह जरूरत पड़ने पर ऑस्टिन की जिम्मेदारियों को संभालने के लिए तैयार हैं.

सभी सूचना प्रणालियों के साथ अस्पताल गए

सेनाध्यक्ष समिति के अध्यक्ष, व्हाइट हाउस और कुछ कांग्रेस सदस्यों को भी इस बारे में सूचित किया गया है. राइडर ने बताया कि ऑस्टिन अपने काम के लिए जरूरी सभी सूचना प्रणालियों के साथ अस्पताल गए हैं.

ऑस्टिन को पहले मंगलवार को यूक्रेन मुद्दे पर ब्रसेल्स में होने वाली बैठक में शामिल होना था. इसके बाद उन्हें नाटो के रक्षा मंत्रियों की एक नियमित बैठक में भी शामिल होना था. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी अस्पताल में भर्ती होने से इन कार्यक्रमों पर कोई असर पड़ेगा या नहीं.

पहले जब भर्ती हुए तो हंगामा हुआ था

अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन को इससे पहले पिछले साल दिसंबर में उनकी प्रोस्टेट कैंसर की सर्जरी के बाद हुई दिक्कतों के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उस वक्त राष्ट्रपति कार्यालय को भी उनकी भर्ती के बारे में 3 दिन तक जानकारी नहीं थी.

पिछले साल 22 दिसंबर को उनका ऑपरेशन हुआ था और अगले दिन उन्हें छुट्टी दे दी गई थी. लेकिन, 1 जनवरी को वो दोबारा भर्ती हुए. राष्ट्रपति बाइडेन को उनके इलाज और भर्ती के बारे में 4 जनवरी को जाकर बताया गया.

इसके बाद पेंटागन ने 5 जनवरी तक इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी कि रक्षा मंत्री अस्पताल में भर्ती हैं और काम नहीं कर पा रहे हैं. इस वजह से काफी हंगामा हुआ और रक्षा विभाग के मुख्य निरीक्षक ने मामले की जांच भी की. 

हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ने कहा कि ऑस्टिन अस्पताल से ही राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर काम कर रहे थे और राष्ट्रपति को सलाह दे रहे थे. लेकिन, उस वक्त वैश्विक तनाव बढ़ा हुआ था और अमेरिका इराक, सीरिया और यमन में ईरान समर्थित मिलिशिया के खिलाफ कार्रवाई कर रहा था. ऐसे में रक्षा मंत्री के अस्पताल में होने से प्रशासन की जानकारी देने की व्यवस्था पर सवाल उठे.