नई दिल्ली: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार और पाकिस्तान के बीच सीमा तनाव अचानक बढ़ गया है. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना की हवाई कार्रवाई और सीमा उल्लंघनों के जवाब में अफगान बलों ने डूरंड रेखा के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है.
तालिबान प्रशासन के अनुसार, पूर्वी अफगानिस्तान में पाकिस्तान से सटी सीमा पर तैनात बलों ने पाकिस्तानी सैन्य चौकियों के खिलाफ अभियान शुरू किया है. तालिबान के सैन्य सूत्रों ने इसे योजनाबद्ध और व्यापक कार्रवाई बताया है.
तालिबान का कहना है कि हाल में पाकिस्तान की ओर से सीमा पार हवाई हमले किए गए, जिनमें अफगान क्षेत्र को निशाना बनाया गया. इसी को उकसावे की कार्रवाई बताते हुए जवाबी कदम उठाने की बात कही गई है. पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
🫵Warning!
— Afghanistan Defense (@AFGDefense) February 26, 2026
This is a response to the Pakistani military regime’s previous airstrikes. If such an action is carried out again, every attack will be answered in the same way.
If Kabul is attacked, Islamabad will be targeted. If Kandahar is attacked, Islamabad & Lahore will be… pic.twitter.com/rtQI1Qa7KJ
बताया गया है कि लड़ाई अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में डूरंड रेखा के आसपास केंद्रित है. यह वही विवादित सीमा है, जिसे अफगानिस्तान औपचारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देता. इसी वजह से यहां तनाव अक्सर बढ़ता रहता है. दोनों पक्षों में संभावित नुकसान या हताहतों की संख्या को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है. स्थानीय स्तर पर झड़पों की खबरें जरूर सामने आई हैं, लेकिन स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है. स्थिति को लेकर क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है.
विश्लेषकों का मानना है कि यदि सीमा पर सैन्य टकराव बढ़ता है तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ सकता है. अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से मौजूद अविश्वास ऐसे घटनाक्रम से और गहरा सकता है. फिलहाल हालात पर नजर रखी जा रही है.
मंगलवार को भी डूरंड लाइन के आसपास अफगान सेना द्वारा पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर हमले किए जाने की खबर सामने आई थी. अफगानिस्तान सेना ने नाजियान और डरबाबा जिलों में डूरंड लाइन के पास पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अफगान सेना ने कई चौकियों को भारी क्षति पहुंचाई. इस संबंध में अभी तक अफगान प्रशासन या तालिबान सरकार की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.