सऊदी अरब में मौसम काफी हद तक गर्म रहता है. यहां का पारा भी हाई रहता है. इसी के चलते हाल ही में एक एनराई की मौत हो गई है. मृतक की पहचान भारत के तेलंगाना निवासी के रूप में हुई है. दरअसल वो सऊदी अरब के दक्षिणी रेगिस्तान, जिसे एम्पटी क्वार्टर या रब अल-खली के नाम से जाना जाता है, वहां पर रास्ता भटक गया था और तेज धूप में लगातार चलने और डिहाइड्रेशन से वजह से उसकी मौत हो गई.
मृतक का नाम मोहम्मद शहजाद सूडान के एक नागरिक के साथ जिस समय सऊदी अरब के रेगिस्तान में था तब अचानक उसका जीपीएस सिग्नल आना बंद हो गया और इसके तुरंत बाद, उसके मोबाइल फोन की बैटरी भी खत्म हो गई और फिर उसकी गाड़ी में तेल भी खत्म हो गया, जिसके चलते शहजाद और सुडानी नागरिक पूरे चार दिनों तक रेगिस्तान में ही फंसे रहे और तेज धूप, गर्मी, खाना-पीना न होने के चलते उन दोनों की मौत हो गई. शहजाद खान का शव, उनके सुडानी सहयोगी के साथ, गुरुवार को उनकी कार के बगल में रेत के टीलों में जानमाज के ऊपर पाया गया.
शहजाद पिछले तीन साल से सऊदी अरब में एक टेली कम्युनिकेशन कंपनी में काम रहा था. रूब अल खली, जिस रेगिस्तान में दोनों की मौत हुई वो दुनिया के सबसे खतरनाक रेगिस्तानों में से एक है. यह रेगिस्तान 650 किलोमीटर तक फैला हुआ है. यह सऊदी अरब के नॉर्थ में होफूफ के पास रियाद, सऊदी अरब के नजराल प्रांतों , यूएई, ओमान और यमन तक फैला हुआ है.
सऊदी अरब में इस साल भीषण गर्मी पड़ने की वजह से काफी बड़ी संख्या में हज यात्रियों की मौत हो गई. भीषण गर्मी के चलते 2700 से ज्यादा तीर्थयात्री बीमार हुए इस साल 1.8 मिलियन लोगों ने हज किया लेकिन काफी गर्मी के चलते बीमार हुए तो कुछ की मौत भी हुई. मृतकों में मिस्र के सबसे ज्यादा 323 नागरिक है. वहीं भारत के 68 नागरिकों की हज के दौरान मौत हुई और जॉर्डन के कुल 60 हज यात्रियों की मौत हुई.