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India Daily

410 फीट लंबा और 476 फीट चौड़ा, बोलीविया के पहाड़ पर मिला 1000 साल पुराना मंदिर

यह मंदिर बोलीविया के पलासपाटा नामक स्थल पर स्थित है, जो टिटिकाका झील के पास एक दूरदराज पहाड़ी क्षेत्र में है. इस क्षेत्र की दुर्गमता के कारण यह मंदिर अब तक पुरातत्वविदों की नजरों से बचा रहा.

Gyanendra Sharma
410 फीट लंबा और 476 फीट चौड़ा, बोलीविया के पहाड़ पर मिला 1000 साल पुराना मंदिर
Courtesy: Social Media

दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया में पुरातत्वविदों को एक ऐसी खोज में सफलता मिली है, जो इतिहास और पुरातत्व के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है. बोलीविया में टिटिकाका झील के पास एक पहाड़ी पर विशाल पत्थरों से बना 1,000 साल पुराना मंदिर मिला है. इस मंदिर को तिवानाकु सभ्यता से जोड़ा जा रहा है, जो दक्षिण अमेरिका की सबसे प्राचीन और रहस्यमयी सभ्यताओं में से एक है.

यह मंदिर बोलीविया के पलासपाटा नामक स्थल पर स्थित है, जो टिटिकाका झील के पास एक दूरदराज पहाड़ी क्षेत्र में है. इस क्षेत्र की दुर्गमता के कारण यह मंदिर अब तक पुरातत्वविदों की नजरों से बचा रहा. मंदिर का निर्माण विशाल पत्थरों से किया गया है, जो तिवानाकु सभ्यता की उन्नत वास्तुकला और इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाता है. इस सभ्यता का समय 500 से 1000 ईस्वी के बीच माना जाता है. मंदिर करीब 410 फीट लंबा और 476 फीट चौड़ा है. इसमें 15 कमरे हैं.

सैटेलाइट और ड्रोन से हुई खोज

इस मंदिर की खोज की कहानी भी उतनी ही रोचक है. शोधकर्ताओं को सबसे पहले सैटेलाइट तस्वीरों में टिटिकाका झील के पास पहाड़ी पर कुछ असामान्य आकृतियां दिखाई दीं. इन असामान्य संरचनाओं ने पुरातत्वविदों का ध्यान आकर्षित किया, जिसके बाद इस क्षेत्र की गहन जांच शुरू की गई. ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए शोधकर्ताओं ने इस स्थल की 3D इमेजिंग की, जिससे यह पुष्टि हुई कि यह एक प्राचीन मंदिर है. ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक ने इस दुर्गम क्षेत्र में खोज को संभव बनाया, जो पहले असंभव प्रतीत होता था.

तिवानाकु सभ्यता का महत्व

तिवानाकु सभ्यता दक्षिण अमेरिका की सबसे प्रभावशाली प्राचीन सभ्यताओं में से एक थी, जिसका केंद्र बोलीविया और पेरू के कुछ हिस्सों में था. यह सभ्यता अपनी उन्नत वास्तुकला, जटिल जल प्रबंधन प्रणालियों और खगोलीय ज्ञान के लिए जानी जाती है. टिटिकाका झील के आसपास बने कई पुरातात्विक स्थल, जैसे तिवानाकु और पुमापुंकु, इस सभ्यता की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं. पलासपाटा में मिला यह मंदिर तिवानाकु सभ्यता के धार्मिक और सामाजिक जीवन के बारे में और अधिक जानकारी प्रदान कर सकता है.