menu-icon
India Daily

तालिबान ने डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी फौज को दिया बड़ा झटका, दो और पोस्ट पर कब्जा; ड्रोन से रावलपिंडी तक हमले

अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के साथ सीमा पर तनाव को नई ऊंचाई दी है. कंधार के स्पिन बोल्डक और शोराबक जिलों में डूरंड लाइन के पास दो पाकिस्तानी मिलिट्री पोस्ट पर कब्जा कर लिया.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
तालिबान ने डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी फौज को दिया बड़ा झटका, दो और पोस्ट पर कब्जा; ड्रोन से रावलपिंडी तक हमले
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर पुराना विवाद अब खुले युद्ध की शक्ल ले रहा है. तालिबान ने हाल के दिनों में पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर हमले तेज कर दिए हैं. इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान की सेनाओं ने कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक और शोराबक में दो पाकिस्तानी पोस्ट पर कब्जा कर लिया. यह कार्रवाई पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक के जवाब में आई है, जिससे दोनों देशों के बीच दुश्मनी और गहरी हो गई है. स्थिति बेकाबू होने की कगार पर है.

तालिबान की सीमा पर सफलता

TOLO News की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान लड़ाकों ने डूरंड लाइन के विवादित इलाके में पाकिस्तानी फौज की कमजोरियों का फायदा उठाया. स्पिन बोल्डक और शोराबक जिलों में स्थित ये पोस्ट रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण थे. तालिबान ने दावा किया कि उन्होंने इन पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया, जिससे पाकिस्तानी सैनिकों को पीछे हटना पड़ा. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, झड़पों में पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ, जबकि तालिबान ने अपनी स्थिति मजबूत की है. यह कदम सीमा पर तालिबान की बढ़ती ताकत को दिखाता है.

ड्रोन हमलों की नई रणनीति

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर बताया कि उनकी एयर फोर्स ने सटीक ड्रोन हमले किए. रावलपिंडी में नूर खान एयरबेस को मुख्य निशाना बनाया गया, जो पाकिस्तान की कमांड सेंटर है. क्वेटा में 12वीं डिवीजन मुख्यालय और मोहमंद एजेंसी के ख्वाजाई कैंप पर भी हमले हुए. ये ऑपरेशन समन्वित थे और पाकिस्तानी ठिकानों को भारी क्षति पहुंचाने का दावा किया गया. इससे पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं.

पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई

पाकिस्तान ने तालिबान के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया. शुक्रवार को काबुल और कंधार पर एयरस्ट्राइक की गईं, जहां तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा का ठिकाना माना जाता है. पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि 133 तालिबान लड़ाके मारे गए, 200 से ज्यादा घायल हुए और कई चौकियां तबाह की गईं. यह हमला दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का नतीजा है, जो अब सीधे राजधानियों तक पहुंच गया है.

पृष्ठभूमि और बढ़ता खतरा

मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई छोटी लड़ाई के बाद नूर खान बेस पर मरम्मत का काम चल रहा था, लेकिन तालिबान के नए हमलों ने इसे और जोखिम में डाल दिया. इससे पहले जलालाबाद में एक पाकिस्तानी फाइटर जेट को मार गिराने का दावा भी किया गया था, जिसमें पायलट को जिंदा पकड़ा गया. दोनों पक्षों के दावे परस्पर विरोधी हैं, लेकिन संघर्ष से क्षेत्रीय स्थिरता को गहरा खतरा है. स्थिति पर सभी की नजर टिकी है.