45 दिन भी नहीं झेल पाए चंद्रबाबू की सरकार, इतने बेचैन क्यों हो गए हैं जगन रेड्डी? पीएम को लिख दी चिट्ठी
Jagan Reddy Wrote To PM Modi:
Jagan Reddy Wrote To PM Modi: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP के चीफ वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी है. जगन रेड्डी ने चिट्ठी लिखकर पीएम मोदी से टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के तहत पिछले 45 दिनों में आंध्र प्रदेश में हुए गंभीर अत्याचारों और हमलों पर ध्यान देने का आग्रह किया है. अपने पत्र में उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने इन घटनाओं की जांच केंद्र सरकार की एजेंसियों से कराने का आग्रह किया और विस्तृत जानकारी देने के लिए जल्द से जल्द मिलने का समय मांगा.
चिट्ठी में जगन ने लिखा कि मैं आंध्र प्रदेश में मौजूद भयावह स्थिति और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए लिख रहा हूं. मुझे आंध्र प्रदेश में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति से आपको अवगत कराते हुए बहुत दुख हो रहा है. संवैधानिक संस्थाएं विफल हो गई हैं और प्रशासन पंगु हो गया है. लोगों के जीवन, अंग और सम्मान की कोई सुरक्षा नहीं है. सत्तारूढ़ पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अपनी बर्बर और अमानवीय गतिविधियों से राज्य के लोगों में व्यापक भय फैला रहे हैं.
जगन का आरोप- जिन्होंने TDP को सपोर्ट नहीं किया, उसे बना रहे निशाना
जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद, टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने तुरंत उन लोगों को निशाना बनाया, जिन्होंने हाल ही में संपन्न चुनावों में उनका समर्थन नहीं किया था. उन्होंने हमारी पार्टी के समर्थकों को भी निशाना बनाया है और उन्हें अपमानित, पीटने और यहां तक कि मारकर आतंकित करना शुरू कर दिया है. इस प्रक्रिया में, उन्होंने खुलेआम घरों समेत संपत्तियों, दुकानों पर हमला किया है, जिससे राज्य में लोगों में व्यापक भय पैदा हो गया है. व्यक्तिगत हमलों और बर्बरता के अलावा, उन्होंने सरकारी संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है.
जगन ने आरोप लगाया कि टीडीपी समर्थकों ने लोगों को आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले ग्राम सचिवालय, आरबीकेएस और ग्राम क्लीनिकों को भी नहीं बख्शा, सिर्फ इसलिए कि ये संस्थान वाईएसआरसीपी सरकार की ओर से स्थापित किए गए थे. उन्होंने अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉक्टर वाईएस राजशेखर रेड्डी की मूर्तियों को भी तोड़ दिया, जिन्हें कानून की उचित प्रक्रिया के बाद स्थापित किया गया था. अपने बर्बर कृत्यों को चरम पर ले जाते हुए, बुधवार को विनुकोंडा में एक वाईएसआरसीपी कार्यकर्ता राशिद की बेरहमी से हत्या कर दी गई. ये घटना एक व्यस्त सड़क के बीच में हुई और आश्चर्यजनक रूप से पुलिस घटना के समय नजदीक ही थी.
बोले- YSRCP के चुने गए प्रतिनिधियों को भी कोई सुरक्षा नहीं
जगन रेड्डी ने कहा कि संसद और राज्य विधानसभा में वाईएसआरसीपी के निर्वाचित प्रतिनिधियों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भी कोई सुरक्षा नहीं है. गुरुवार को चित्तूर जिले के पुंगनूर में टीडीपी की भीड़ ने हमारी पार्टी के लोकसभा नेता, सांसद पीवी मिधुन रेड्डी की हत्या करने का प्रयास किया, जो पूर्व सांसद एन. रेड्डीप्पा से मिलने गए थे. यह हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जो राज्य की अपने नागरिकों की सुरक्षा करने की क्षमता में गंभीर गिरावट को दर्शाता है. यह कानून-व्यवस्था के मुद्दों के प्रति पुलिस की उदासीनता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और पुलिस के इस रवैये से टीडीपी के गुंडे इन बर्बर और अमानवीय कृत्यों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित होते हैं, जैसे कि उन्हें ऐसा करने की अनुमति हो.
जगन बोले- एक महीने में 31 लोगों की हत्या, 300 हत्या के प्रयास
चिट्ठी में जगन ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में, आंध्र प्रदेश अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, किसान सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, मजबूत कानून व्यवस्था और सतत विकास के लिए जाना जाता था. आज, यह हत्या, बलात्कार, राजनीतिक प्रतिशोध और विनाश का पर्याय बन गया है. शासन की जगह अराजकता राज्य में आम बात हो गई है. नई सरकार के सिर्फ़ एक महीने में, 31 लोगों की हत्या हुई है, 300 हत्या के प्रयास किए गए हैं, टीडीपी उत्पीड़न के कारण 35 लोगों ने आत्महत्या की है, 560 निजी संपत्तियों को नष्ट किया गया है, 490 सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है और इन अत्याचारों के कारण लगभग 2,700 परिवार अपने गांव छोड़ चुके हैं. इसके अलावा, हिंसा और हमलों की 1,050 से ज़्यादा घटनाएं हुई हैं.