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योग टीचर को जिंदा दफनाया, 3 महीने बाद मिला शव, आरोपी की पत्नी से था अफेयर

रोहतक के बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में योग शिक्षक जगदीप का 24 दिसंबर, 2024 को अपहरण कर लिया गया था. शाम को उनके अचानक लापता होने के बाद, उनके परिवार ने 3 फरवरी, 2025 को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कई हफ्तों तक गहन खोजबीन की.

Gyanendra Sharma
योग टीचर को जिंदा दफनाया, 3 महीने बाद मिला शव, आरोपी की पत्नी से था अफेयर
Courtesy: Social Media

हरियाणा के रोहतक चरखी दादरी के पैंतावास गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर आई है. एक योग शिक्षक जगदीप को प्रेम प्रसंग के चलते अपहरण कर लिया गया और बदले की भावना से उसे 7 फुट गहरे गड्ढे में जिंदा दफना दिया गया. यह चौंकाने वाली हत्या तीन महीने तक रहस्य बनी रही, तथा जगदीप के परिवार ने उसके लापता होने के 10 दिन बाद ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.

रोहतक के बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में योग शिक्षक जगदीप का 24 दिसंबर, 2024 को अपहरण कर लिया गया था. शाम को उनके अचानक लापता होने के बाद, उनके परिवार ने 3 फरवरी, 2025 को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कई हफ्तों तक गहन खोजबीन की.

कॉल डिटेल से मिली अहम जानकारी

पुलिस जगदीप के कॉल डिटेल के माध्यम से उसके ठिकाने का पता लगाने में सफल रही, जिसके परिणामस्वरूप 24 मार्च, 2025 को दो संदिग्धों, हरदीप और धर्मपाल को गिरफ्तार किया गया. दोनों संदिग्धों पर अन्य लोगों के साथ मिलकर अपहरण किया. फिर मारपीट कर एक गड्ढे में जिंदा दफना दिया. 

महिला के साथ कथित प्रेम संबंध

पुलिस के अनुसार, अपराध का मकसद जगदीप का उस घर में रहने वाली एक महिला के साथ कथित प्रेम संबंध था, जहां वह रहता था. जब उसके पति को इस संबंध का पता चला, तो उसने कथित तौर पर क्रूर अपहरण की साजिश रची. इसके बाद जगदीप को बांध दिया गया, मुंह बंद कर दिया गया और पेंटावास गांव ले जाया गया, जहां उसे जिंदा दफना दिया गया. अजीब बात यह है कि गड्ढा खोदने वाले व्यक्ति को बताया गया कि यह बोरवेल के लिए था.

पुलिस यूनिट के प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि जगदीप के कॉल रिकॉर्ड को ट्रैक करने के बाद अधिकारी संदिग्धों को गिरफ्तार करने और अपराध की पूरी जानकारी हासिल करने में सफल रहे. जांच जारी है और जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है. पुलिस ने जगदीप के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेज दिया है, जहां डॉक्टरों की एक टीम आगे के साक्ष्यों के लिए शव की जांच करेगी.