नई दिल्ली: साल 2025 भारतीय राजनीति के लिए कई मायनों में खास रहा. इस साल उपराष्ट्रपति चुनाव, राज्यसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव और उपचुनाव हुए. इन चुनावों में कई ऐसे चेहरे सामने आए, जिन्होंने पहली बार राजनीति में कदम रखा. इन नए चेहरों में कलाकार, प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक परिवारों से जुड़े लोग शामिल रहे.
कुछ ने जीत हासिल कर मजबूत शुरुआत की, तो कुछ को हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद इन सभी नामों ने राजनीतिक बहस में अपनी जगह बनाई. बिहार विधानसभा चुनाव में लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने बड़ा नाम कमाया. उन्होंने बीजेपी टिकट पर अलीनगर सीट से जीत दर्ज की. इस जीत के साथ वह बिहार की सबसे युवा विधायक बनीं. कला जगत से राजनीति में उनका आना युवाओं के लिए प्रेरणा बना.
भोजपुरी फिल्म अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने भी राजनीति में कदम रखा. उन्होंने आरजेडी के टिकट पर छपरा सीट से चुनाव लड़ा. हालांकि वह चुनाव जीत नहीं सके और उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद उनकी उम्मीदवारी ने बिहार की राजनीति में मनोरंजन जगत की मौजूदगी को चर्चा में ला दिया.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में हरीश खुराना ने शांत लेकिन असरदार एंट्री की. वह पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना के बेटे हैं. उन्होंने मोती नगर सीट से चुनाव जीतकर अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया. उनकी जीत को संगठन और अनुभव का संतुलन माना गया.
पूर्व आईपीएस अधिकारी जेपी सिंह ने भी 2025 में राजनीति का रुख किया. वह 2000 बैच के अधिकारी रहे हैं और हिमाचल प्रदेश में एडीजीपी पद पर कार्य कर चुके हैं. उन्होंने बिहार के छपरा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा. प्रशासनिक अनुभव के साथ राजनीति में उनका आना खास चर्चा का विषय रहा.
नगर निकाय चुनावों में सौरभ थपलियाल ने बड़ी जीत दर्ज की. जनवरी 2025 में उन्होंने देहरादून मेयर चुनाव जीता. उनकी जीत ऐतिहासिक रही क्योंकि यह देहरादून नगर निगम चुनावों में अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी गई. साल 2025 के ये नए चेहरे यह दिखाते हैं कि भारतीय राजनीति में नए प्रयोग और नए नेतृत्व की संभावनाएं लगातार बन रही हैं.