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India Daily

BRICS Summit 2026: शी जिनपिंग के भारत दौरे में सुरक्षा का ऐसा इंतजाम, होटल से जमीन के नीचे तक सख्त निगरानी

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को करीब 24 घंटे के भारत दौरे पर दिल्ली पहुंचेंगे. उनके दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
BRICS Summit 2026: शी जिनपिंग के भारत दौरे में सुरक्षा का ऐसा इंतजाम, होटल से जमीन के नीचे तक सख्त निगरानी
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत दौरा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. शनिवार दोपहर तक उनके दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है. उनके साथ 67 लोगों का प्रतिनिधिमंडल होगा, जिसमें वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां, राजनयिक, सुरक्षा अधिकारी और मेडिकल स्टाफ शामिल हैं. उनकी सुरक्षा को लेकर भारतीय एजेंसियों ने कई स्तरों पर तैयारी की है. होटल और आसपास के इलाके में हर संभावित खतरे को पहले से जांचने की योजना है.

होटल के ऊपर भी नजर, ड्रोन से लेकर गुब्बारों तक पर रोक

शी की सुरक्षा में होटल के ऊपर कुछ समय के लिए नो फ्लाई जोन बनाया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन, कम ऊंचाई पर उड़ने वाली छोटी हवाई वस्तुओं और अन्य यूएवी पर नजर रखेंगी. चीन की ओर से तिब्बती एक्टिविस्टों के प्रदर्शन और एंटी चाइना प्रचार की आशंका को लेकर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है. बैनर, लाउडस्पीकर और गुब्बारों के जरिए किसी गतिविधि को रोकने के लिए भी इंतजाम किए जाएंगे.

चीन ने 10 दिन पहले ही दिल्ली भेज दिया था जरूरी सामान

शी जिनपिंग के दौरे से करीब 10 दिन पहले चीन ने जरूरी सामान से भरा एक विमान दिल्ली भेजा था. इसमें उनकी होंगकी स्टेट लिमोजिन, एक बैकअप कार और संचार उपकरण शामिल थे. एक आधिकारिक सूत्र के मुताबिक, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को दिल्ली पुलिस और दूसरी एजेंसियों के साथ मिलकर विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल के तहत सुलझाया जा रहा है. यानी राष्ट्रपति के पहुंचने से पहले ही उनकी सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया.

संचार उपकरण की अनुमति, लेकिन सैटेलाइट सिस्टम पर रोक

भारत विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को अपना संचार उपकरण लाने की अनुमति देता है, लेकिन इसके लिए दूरसंचार विभाग की मंजूरी जरूरी होती है. सैटेलाइट संचार उपकरण लाने की अनुमति नहीं है. हथियारों के मामले में पिस्तौल की इजाजत दी जा सकती है, लेकिन सबमरीन गन और एंटी ड्रोन उपकरण जैसे सामान भारत में नहीं लाए जा सकते. ऐसे सामान को एयरपोर्ट पर सीमा शुल्क विभाग के पास ही छोड़ना होगा.

मोदी के साथ बैठक और रात्रिभोज में भी होंगे शामिल

ब्रिक्स सम्मेलन के सत्र में हिस्सा लेने के अलावा शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. इसके बाद वह प्रधानमंत्री के साथ स्टेट डिनर में भी शामिल होंगे. चीन के अधिकारियों ने शी के स्टाफ को किचन तक पहुंच देने का अनुरोध किया है, ताकि वे मेन्यू के कुछ व्यंजन चखकर राष्ट्रपति की खान पान संबंधी पसंद के अनुरूप होने की पुष्टि कर सकें. भोजन शाकाहारी रखे जाने की संभावना है.

सिर्फ कमरे नहीं, जमीन के नीचे भी होगी जांच

शी के आने से पहले होटल में सुरक्षा जांच कई स्तरों पर की जाएगी. आतंकवाद रोधी बलों और विस्फोट रोधी उपकरणों की तैनाती के साथ परमाणु, रेडिएशन और जैव रासायनिक खतरों से बचाव की जांच होगी. जमीन के नीचे मौजूद पाइपलाइन नेटवर्क को भी खंगाला जाएगा. शी करीब 24 घंटे भारत में रहेंगे और रविवार सुबह लगभग 11 बजे भारत मंडपम से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे.