Buldozer Action in MP: मध्य प्रदेश के छतरपुर में हुए थाने पर हमले की घटना के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सरकार ने आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाने का आदेश दिया है.
बुधवार को मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने कोतवाली पर पथराव किया था. यह घटना महाराष्ट्र के महंत रामगिरी महाराज की ओर से पैगंबर मोहम्मद साहब पर की गई कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में हुई थी. पथराव में तीन सिपाही सहित प्रभारी अरविंद कुजूर गंभीर रूप से घायल हो गए.
मोहन यादव सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और पुलिस को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. पुलिस ने 45 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है.
मुख्य आरोपी के रूप में मुस्लिम समुदाय के पूर्व सदर मोहम्मद शहजाद हाजी अली को नामजद किया गया है और उनके महलनुमा मकान को बुलडोजर से गिरा दिया गया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है और कई आरोपियों को सर्विलांस पर रखा गया है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश शांति का प्रदेश है और इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने पुलिस को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. छतरपुर में हुई हिंसा की घटना एक गंभीर मामला है.
सरकार का सख्त एक्शन इस बात का संकेत है कि वह ऐसे किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगी. यह घटना हमें धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के महत्व की याद दिलाती है. इस घटना से यह भी पता चलता है कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई झूठी खबरें हिंसा को भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. सरकार को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि स्थिति और बिगड़े नहीं.