तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले बीजेपी ने अपने 27 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है, लेकिन इस सूची में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई का नाम शामिल नहीं है. अन्नामलाई को राज्य में बीजेपी का मजबूत चेहरा माना जाता रहा है, ऐसे में उनका बाहर रहना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. इस फैसले के पीछे की वजहों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
बीजेपी ने जिन 27 उम्मीदवारों की घोषणा की है, उनमें कई बड़े नाम शामिल हैं. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह फैसला हाईकमान स्तर पर लिया गया है और सभी उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे लेकिन अन्नामलाई को टिकट न देना इस सूची का सबसे बड़ा और अप्रत्याशित निर्णय माना जा रहा है.
राज्य में बीजेपी ने एआईएडीएमके के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. सीट बंटवारे के तहत एआईएडीएमके को 169 सीटें और बीजेपी को 27 सीटें मिली हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अन्नामलाई इस गठबंधन के पक्ष में नहीं थे, जिससे उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद की बातें सामने आईं.
सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई ने सीट शेयरिंग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. इसके अलावा, उन्होंने कुछ समय पहले स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर चुनावी जिम्मेदारियों से दूरी बनाई थी. हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि वह पार्टी के लिए एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में काम करने को तैयार हैं.
तमिलनाडु में इस बार 23 अप्रैल को मतदान और 4 मई को मतगणना होनी है. बीजेपी और उसके सहयोगी दल सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में अन्नामलाई की गैरमौजूदगी पार्टी की रणनीति पर कितना असर डालती है, यह चुनाव परिणामों के बाद ही साफ होगा.