आम आदमी पार्टी में इन दिनों अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है. राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा पर उनकी ही पार्टी के नेता लगातार निशाना साध रहे हैं. पार्टी नेताओं ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं चड्ढा ने इसे अपनी आवाज दबाने की कोशिश बताया है. इस पूरे विवाद में अब भाजपा भी कूद पड़ी है और उसने चड्ढा का समर्थन करते हुए अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाए हैं.
राघव चड्ढा के बयान के बाद पार्टी के कई नेताओं ने एक के बाद एक वीडियो जारी कर उन पर हमला बोला और आरोप लगाया कि वह संसद में जरूरी मुद्दों की बजाय हल्के विषय उठाते रहे और प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलने से बचते रहे. इस बयानबाजी से साफ हो गया है कि पार्टी के अंदर का मतभेद अब सार्वजनिक हो चुका है.
दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो डर जाता है, वह खत्म हो जाता है. वहीं आतिशी और संजय सिंह ने भी सवाल उठाए कि आखिर चड्ढा ने एलपीजी संकट, चुनाव आयोग और पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी जैसे मुद्दों पर चुप्पी क्यों साधी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा पार्टी के आंदोलनों से दूरी बनाए हुए थे.
Just saw ur video Raghav bhai.
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) April 3, 2026
I just want to say - “जो डर गया, समझो मर गया” pic.twitter.com/cgXN9cI4aG
राघव चड्ढा ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर बोलने से रोका जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उन्हें बोलने की अनुमति न देने की मांग की है. चड्ढा ने कहा कि उन्होंने हमेशा आम लोगों के मुद्दे उठाए हैं और उन्हें चुप कराया जा रहा है, लेकिन वह हार नहीं मानेंगे.
Silenced, not defeated
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
My message to the ‘aam aadmi’
—
खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ
'आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
इस पूरे विवाद में भाजपा ने चड्ढा का समर्थन किया है. भाजपा नेताओं ने अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वह लोगों का इस्तेमाल कर उन्हें किनारे कर देते हैं. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि चड्ढा को बहुल पहले ही बोलना चाहिए था. उन्होंने एक ट्वीट कर कहा, 'राघव चड्ढा को बहुत पहले ही अपनी चुप्पी तोड़ देनी चाहिए थी. अरविंद केजरीवाल में एक खास हुनर है, पहले वो लोगों का इस्तेमाल करते हैं और फिर छुटकारा पा लेते हैं.'
उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाना उनकी पार्टी का फैसला है और सभी पार्टियां ऐसे फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है. हालांकि आपत्ति राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को बोलने की अनुमति न देने के अनुरोध पर है. अरविंद केजरीवाल एक डरे हुए, कमजोर व्यक्ति हैं. उन्हें विपक्ष नापसंद है और वे दूसरों की काबीलियत से भयभीत हैं.
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. हालांकि आप नेता अशोक मित्त ने कहा कि ये अफवाहें हैं और उन्हें कहीं भी असंतोष का कोई संकेत नहीं मिला है. राघव चड्ढा पंजाब के राज्यसभा से सांसद हैं. उन्हें अप्रैल 2022 में पंजाब विधानसभा द्वारा चुना गया था और उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 में समाप्त होगा.