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बारामती का अगला दादा कौन? सुनेत्रा, पार्थ या जय; इन तीनों में से कोई एक संभाल सकता है अजित पवार की सियासी विरासत?

महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के असामयिक निधन के बाद उनकी विरासत को संभालने की जिम्मेदारी बड़े सवाल के रूप में उभरी है. बारामती के 'दादा' के परिवार में पत्नी सुनेत्रा, बेटे पार्थ और जय प्रमुख दावेदार हैं, जबकि परिवारिक और पार्टी के अन्य रिश्तेदार भी इस मुकाबले में शामिल हो सकते हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
बारामती का अगला दादा कौन? सुनेत्रा, पार्थ या जय; इन तीनों में से कोई एक संभाल सकता है अजित पवार की सियासी विरासत?
Courtesy: social media

अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा शून्य पैदा हो गया है. आज सुबह बारामती में विमान दुर्घटना में 66 वर्षीय उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन हो गया. उनका विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई. अजित पवार सिर्फ एक नेता नहीं थे, बल्कि मराठा वोट बैंक और पश्चिमी महाराष्ट्र की राजनीति को मजबूती से संभालने वाले शक्तिशाली चेहरा थे. उनके जाने से एनसीपी और महायुति गठबंधन में हलचल मच गई है. अब सवाल यह है कि उनकी राजनीतिक विरासत और बारामती का गढ़ कौन संभालेगा?

परिवार का सियासी समीकरण

अजित पवार के पिता अनंतराव पवार फिल्म निर्माता वी. शांताराम के साथ काम कर चुके थे, जबकि मां आशाताई आज भी जीवित हैं. पत्नी सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं हैं. बड़े बेटे पार्थ राजनीति में आए हैं, जबकि छोटे बेटे जय मुख्यतः व्यवसाय संभालते हैं. भाई श्रीनिवास व्यवसायी हैं और बहन विजया का देहांत हो चुका है. चाचा शरद पवार और चचेरी बहन सुप्रिया सुले परिवार के मजबूत स्तंभ हैं.

सुनेत्रा पवार- सबसे मजबूत दावेदार

सुनेत्रा पवार अजित पवार की विरासत संभालने के लिए सबसे आगे नजर आ रही हैं. वे राज्यसभा सदस्य हैं और बारामती टेक्सटाइल पार्क की चेयरपर्सन रह चुकी हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं में उनकी अच्छी पकड़ है. अजित पवार के वोट बैंक और भावनात्मक जुड़ाव को बनाए रखने में वे सक्षम मानी जाती हैं. कई नेता उन्हें एकजुट करने वाली आम सहमति का चेहरा मानते हैं.

पार्थ पवार- महत्वाकांक्षी युवा चेहरा

पार्थ पवार ने 2019 में मावल से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार मिली. वे पिता के साथ सक्रिय रहे और युवा वर्ग को आकर्षित करने की कोशिश में हैं. हालांकि, जमीनी स्तर पर उनकी स्वीकार्यता पिता जितनी मजबूत नहीं है. विपक्ष अक्सर उन पर हमला करता रहा है. फिर भी, पार्टी के एक वर्ग में वे भविष्य के नेता के रूप में देखे जाते हैं.

जय पवार- छिपा हुआ दावेदार

जय पवार राजनीति से दूर रहे, लेकिन पर्दे के पीछे रणनीति बनाने में माहिर हैं. वे पारिवारिक कामों और स्थानीय आयोजनों में सक्रिय दिखते हैं. हाल ही में उनकी शादी हुई है. कई लोग उनमें अजित पवार की छवि देखते हैं. यदि वे आगे आएं, तो 'डार्क हॉर्स' साबित हो सकते हैं. भतीजे युगेंद्र पवार भी शरद गुट से जुड़े होने के कारण समीकरण बदल सकते हैं.

विरासत का भविष्य और चुनौतियां

अजित पवार की मौत महायुति के लिए झटका है, क्योंकि वे मराठा और पश्चिमी महाराष्ट्र को साधते थे. सुनेत्रा सबसे आगे हैं, लेकिन पार्थ-जय के बीच भूमिका बंटवारा महत्वपूर्ण होगा. बारामती की जनता सहानुभूति से अजित परिवार के साथ खड़ी हो सकती है. पार्टी विधायकों को एकजुट रखना और राज्य स्तर पर प्रभाव बनाए रखना बड़ी चुनौती है. आने वाले दिन फैसला करेंगे कि 'दादा' की कुर्सी किसके हाथ में रहेगी.