देश की जानी-मानी पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के सह-संस्थापक और निदेशक प्रतीक जैन इन दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के घेरे में हैं. ED ने गुरुवार सुबह कोलकाता में I-PAC के कार्यालय और प्रतीक जैन के घर समेत कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल से जुड़े कथित कोयला घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में की गई.
सूत्रों के अनुसार, ED ने कोलकाता के साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय, लाउडन स्ट्रीट पर स्थित प्रतीक जैन के आवास के अलावा पश्चिम बंगाल और दिल्ली के अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ली. छापेमारी के दौरान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी भी रही.
प्रतीक जैन एक इंजीनियर से राजनीतिक रणनीतिकार बने व्यक्ति हैं. उन्होंने IIT बॉम्बे से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की है. पढ़ाई के बाद उन्होंने डेलॉयट में एनालिस्ट के तौर पर काम किया. वर्ष 2015 में उन्होंने वाइनेश चंदेल और ऋषि राज सिंह के साथ मिलकर I-PAC की स्थापना की. I-PAC राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, आईटी और मीडिया मैनेजमेंट जैसी सेवाएं देता है. फिलहाल I-PAC पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहा है. खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुष्टि की है कि प्रतीक जैन पार्टी के IT सेल का नेतृत्व करते हैं.
छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचीं. उन्होंने आरोप लगाया कि ED ने तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त करने की कोशिश की. ममता बनर्जी ने इसे केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है.
ED ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज किया है. एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह सबूतों के आधार पर की गई है और इसका किसी चुनाव या राजनीतिक दल को निशाना बनाने से कोई संबंध नहीं है. ED के मुताबिक जांच अवैध कोयला तस्करी, नकद लेन-देन और हवाला नेटवर्क से जुड़ी है.
आगे क्या?
फिलहाल जांच जारी है. आने वाले दिनों में ED की इस कार्रवाई से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है, जिससे यह मामला और स्पष्ट हो सकेगा.