Kiren Rijiju Statement: 'जब रावण ने सीमा लांघी तो...', ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चर्चा से पहले किरेन रिजिजू का पाकिस्तान को चेतावनी
ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में आज चर्चा होनी है. इससे पहले किरेन रिजिजू ने रामायण का उल्लेख कर पाकिस्तान को चेतावनी दी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस ऑपरेशन की जानकारी देंगे, जबकि विपक्ष ट्रंप की मध्यस्थता के दावे पर सरकार को घेरेगा.
लोकसभा में आज 'ऑपरेशन सिंदूर' पर विशेष चर्चा होने जा रही है. इस अहम चर्चा से पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रामायण का उल्लेख करते हुए एक तीखा संदेश दिया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जब रावण ने लक्ष्मण रेखा पार की, तो लंका जल गई. जब पाकिस्तान ने भारत की खींची रेड लाइन को पार किया, तो आतंक के ठिकाने जला दिए गए.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह टिप्पणी उस विशेष चर्चा से पहले आई है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 'ऑपरेशन सिंदूर' पर सरकार की स्थिति स्पष्ट करेंगे. यह ऑपरेशन उस आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय सुरक्षाबलों को निशाना बनाया गया था.
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ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत जानकारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा आज लोकसभा में "भारत की निर्णायक, सफल और सटीक कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी. यह ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा पर भारत की सख्त नीति और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का प्रतीक बताया जा रहा है।
सरकार को घेरने की तैयारी
वहीं दूसरी ओर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है. विपक्ष खासकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को लेकर सरकार पर हमलावर है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने के लिए मध्यस्थता की और दोनों पक्षों को युद्धविराम के लिए राजी किया.
सैन्य कार्रवाई को रोकने का निर्णय
सरकार ने इस पर अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा है कि सैन्य कार्रवाई को रोकने का निर्णय भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर्स जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस के बीच सीधे संपर्क के बाद हुआ था, और यह पहल पाकिस्तान की ओर से आई थी.
भारत की सामरिक क्षमता
केंद्र सरकार का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की सामरिक क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का स्पष्ट संकेत है. पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया गया कि आतंकवाद की कोई भी कोशिश भारी पड़ेगी. आज की बहुप्रतीक्षित चर्चा में राष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीति और विपक्ष की आलोचनाओं के बीच सरकार के रुख पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी.