कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सरकार पर जानकारी छिपाने, पारदर्शिता की कमी और रणनीतिक चूकों को छुपाने का आरोप लगाया है.
मीडिया में दिए इंटरव्यू में चिदंबरम ने कहा कि हमारे पास अब तक यह जानकारी नहीं है कि आतंकी हमलावर कौन थे? उन्हें पकड़ा क्यों नहीं गया? क्या उनकी पहचान की गई है? कुछ लोगों की गिरफ्तारी की खबर आई थी जिन्होंने हमलावरों को शरण दी थी, उनका क्या हुआ? उन्होंने अप्रैल 22 को हुए हमले की ओर इशारा किया जिसमें 26 लोग मारे गए थे.
चिदंबरम ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से एक भी स्पष्ट और आधिकारिक बयान नहीं आया है. उन्होंने कहा कि हमें जानकारी टुकड़ों में मिलती है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ सिंगापुर में बयान देते हैं, डिप्टी आर्मी चीफ मुंबई में कुछ कहते हैं, नौसेना का एक जूनियर अधिकारी इंडोनेशिया में बयान देता है, लेकिन प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री या विदेश मंत्री एक समेकित जानकारी क्यों नहीं देते?"
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जानबूझकर जानकारी छुपा रही है, मेरा अनुमान है कि ऑपरेशन सिंदूर में कुछ रणनीतिक गलतियां हुईं, जिन्हें बाद में सुधारा गया लेकिन यह बताने की बजाय सरकार चुप्पी साधे हुए है. उन्होंने कहा कि या तो सरकार अक्षम है या जवाब देने की इच्छुक नहीं.
चिदंबरम ने एनआईए की भूमिका पर भी सवाल उठाए और पूछा कि इतने हफ्तों में उन्होंने आतंकियों की पहचान क्यों नहीं की. उन्होंने कहा कि शायद ये आतंकी घरेलू हो सकते हैं, हमें कैसे पता कि वो पाकिस्तान से आए थे? कोई ठोस सबूत नहीं है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर भारत की अपनी क्षति छुपा रही है. मैं समझता हूं कि हर संघर्ष में नुकसान दोनों पक्षों को होता है लेकिन सरकार को खुलकर बताना चाहिए कि हमारे नुकसान क्या हैं.
इस बयान के जवाब में बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस फिर से पाकिस्तान को क्लीन चिट देने में जुट गई है. जब भी हमारी सेनाएं पाकिस्तान समर्थित आतंक से लड़ती हैं, कांग्रेस के नेता इस्लामाबाद के वकील जैसे क्यों दिखते हैं?