पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. पहले एक ट्रेनी डॉक्टर का रेप और मर्डर हुआ. केस में लीपापोती की कोशिश हुई. केस की जांच सीबीआई को सौंपी गई और अब रात में इस अस्पताल पर ही हमला कर दिया गया. बुधवार रात में अचानक एक भीड़ इस अस्पताल में घुस गई और जमकर तोड़फोड़ मचाई. इतनी भीड़ को देखकर अस्पताल के डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट खौफ में आ गए और उन्होंने इससे जुड़े वीडियो बनाकर शेयर भी किए हैं. अब एक चश्मदीद सिक्योरिटी गार्ड ने बताया है कि उस समय वहां पर क्या हुआ और कैसा माहौल था. इस गार्ड ने बताया कि हमलावरों ने कैमरे और अस्पताल की जरूरी चीजें भी नहीं छोड़ीं.
रात में हुए इस हमले के बाद देखा जा सकता है कि अस्पताल में मौजूद फर्नीचर तबाह हो चुके हैं. वार्ड में लगे बेड तक को तोड़ दिया गया है. खिड़कियों, दरवाजों और शीशे तक बिखरे पड़े हुए हैं. दीवारों पर लगे पोस्टर और तस्वीरों को फाड़ दिया गया है और कई अन्य निर्माणों को भी नुकसान पहुंचाया गया है. जब ये प्रदर्शनकारी हमलावर बनकर वहां पहुंचे तो वहां पहले ही डॉक्टरों का प्रदर्शन चल रहा था. इस प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल था. कोलकाता पुलिस के कमिश्नर विनीत गोयल का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैली एक अफवाह की वजह से यह हंगामा हुआ.
अब इस पूरी घटना के बारे में वहां मौजूद रहे एक सिक्योरिटी गार्ड ने बताया है. प्रणॉय दास नाम के इस गार्ड ने कहा, '1 बजे के करीब लगभग 500 से 1000 लोग यहां आ गए. तोड़फोड़ करने लगे तो हम लोगों ने गेट लॉक कर दिया और हम लोग दूसरे गेट पर चले गए. इतने लोग आए कि हम 10-15 लोग और पुलिस के कुछ लोग कुछ नहीं कर सके और इन लोगों ने दूसरा गेट भी तोड़ दिया. कुछ नहीं बचा, न कंप्यूटर बचा, न कोई दवा बची. चेयर-टेबल सब तोड़ दिया.'
#WATCH | Pronoy Das, a security guard at RG Kar Medical College and Hospital who was on duty here last night when vandalisation took place, says, "Around 1 am last night when about 500-1000 people came here...We locked the gate here but they broke it down. We went to another… https://t.co/Fg3JqRPn9R pic.twitter.com/ULKQsxwMwZ
— ANI (@ANI) August 15, 2024
उन्होंने आगे कहा, 'ये लोग कौन हैं, पहचानना भी मुश्किल है. सीसीटीवी भी तोड़ दिया है, कुछ भी नहीं छोड़ा है.' अब इस अस्पताल की नर्सों ने मांग उठाई है कि उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं. बता दें कि 'रिक्लेम द नाइट' नाम से निकाले गए इस कैंडल मार्च में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे. जैसे ही यह जुलूस अस्पताल के सामने पहुंचा, अचानक ही भीड़ उग्र हो गई और अस्पताल पर धावा बोल दिया.
इस पूरे मामले पर शुरू से ही जमकर राजनीति हो रही है. विपक्ष जहां राज्य की पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को घेर रहा है कि उसने समय रहते कार्रवाई नहीं की, वहीं अब ममता बनर्जी मांग करने लगी हैं कि 18 मार्च तक सीबीआई इस दोषी को फांसी की सजा दिलाए. ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ उनकी ही पार्टी से भी आवाजें उठ रही हैं लेकिन अब उनका निशाना सीबीआई पर है.