पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 1990 बैच के IAS अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को मुख्य सचिव बनाया है. सोमवार को लोकभवन से उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए. प्रशासनिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के मुख्य कर्ता- धर्ता रहे मनोज कुमार अग्रवाल को अहम जिम्मेदारी सौंपकर सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में कानून की गरिमा बहाल करने का वादा निभाया है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सूबे में तमाम तेजतर्रार अधिकारियों को साइडलाइन कर नौकरशाही को कमजोर करने के आरोप लगते रहे हैं.
मनोज कुमार अग्रवाल अप्रैल, 2025 से पश्चिम पश्विम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. उनकी देखरेख में ही पश्चिम बंगाल में एसआईआर के महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम दिया गया. इसके अलावा उनके पास गृह एवं पहाड़ी मामले (चुनाव) विभाग के पदेन अतिरिक्त मुख्य सचिव की भी जिम्मेदारी है. इस जिम्मेदारी से पहले मनोज कुमार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अलावा अग्निशमन और आपदा प्रबंधन समेत तमाम महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.
West Bengal Chief Electoral Officer Manoj Kumar Agarwal has been appointed as the Chief Secretary to the Government of West Bengal. pic.twitter.com/xkuN3ExnD4
— ANI (@ANI) May 11, 2026
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव बनाए गए मनोज कुमार अग्रवाल IIT कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटैक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सेवा में आए थे. उनके पास 36 वर्षों का लंबा प्रशासनिक अनुभव है. बीजेपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मनोज कुमार अग्रवाल जैसे अधिकारी को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से सूबे में कानून की गरिमा बहाल होगी और जनहित में प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकेंगे.