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India Daily

बंगाल के मुस्लिम मूर्तिकारों ने तैयार की भगवान राम की भव्य मूर्तियां; अयोध्या मंदिर परिसर की और बढ़ेगी शोभा

अयोध्या के श्रीराम मंदिर परिसर में स्थापित की जाएंगी भगवान राम की आदमकद प्रतिमाएं. पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में मुस्लिम मूर्तिकार जमालुद्दीन और उनके बेटे बिट्टू बना रहे हैं प्रतिमाएं.

Naresh Chaudhary
बंगाल के मुस्लिम मूर्तिकारों ने तैयार की भगवान राम की भव्य मूर्तियां; अयोध्या मंदिर परिसर की और बढ़ेगी शोभा

हाइलाइट्स

  • 35 लोग की 45 दिनों की मेहनत से बनती है एक आदमकद प्रतिमा
  • मूर्तिकार जमालुद्दीन ने कहा, धर्म अपनी जगह है और कला अपनी जगह

Ayodhya Ram Mandir: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के दो मुस्लिम मूर्तिकारों ने अयोध्या में श्री राम मंदिर के भव्य उद्घाटन के लिए भगवान राम की मूर्तियां तैयार की हैं. मोहम्मद जमालुद्दीन और उनके बेटे बिट्टू इन भव्य मूर्तियों को बनाने में लगे हुए हैं, जो राम मंदिर परिसर की शोभा को और ज्यादा आलौकिक कर देंगी. पिता-पुत्र की जोड़ी का काम अब ऑनलाइन खोजा जा रहा है, जिसके कारण उन्हें अयोध्या से एक ऑर्डर मिला.

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जमालुद्दीन ने कहा कि मिट्टी की तुलना में फाइबर की मूर्तियों की ज्यादा लागत के बावजूद, उनकी स्थायित्व और मौसम की स्थिति को देखते हुए ज्यादा पसंद किया जाता है. एक आदमकद फाइबर मूर्ति की कीमत लगभग 2.8 लाख रुपये हो सकती है, लेकिन इसमें शामिल सूक्ष्म शिल्प कौशल अपने आप में बेहद शानदार होता है. 

मूर्तिकार जमालुद्दीन ने कहा, धर्म अपनी जगह है और कला अपनी जगह

यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस योजना को लेने के बारे में अनिश्चित थे, तो जमालुद्दीन ने कहा कि धर्म एक निजी चीज है. हमारे देश में विभिन्न धर्मों के लोग हैं. संदेश सरल है... सांप्रदायिकता के समय में हम सभी को एक साथ रहना होगा. मैं भगवान राम की मूर्ति बनाकर खुशी महसूस हुई. भाईचारे की यही संस्कृति एक कलाकार के तौर पर मेरी ओर से संदेश है.

उन्होंने कहा कि न केवल राम की, बल्कि मैंने मां दुर्गा और जगधात्री की भी विशाल मूर्तियां बनाई हैं, जिन्हें काफी लोकप्रियता भी मिली है. उन्होंने गर्व से कहा कि वह वर्षों से विभिन्न हिंदू देवताओं की फाइबर मूर्तियां बना रहे हैं और वे जिस सांस्कृतिक सद्भाव का प्रतिनिधित्व करते हैं, उसे संजोते हैं.

35 लोग की 45 दिनों की मेहनत से बनती है एक आदमकद प्रतिमा

उनके नाम पर वर्कशॉप चलाने वाले बिट्टू ने बताया कि एक आदमकद प्रतिमा बनाने में 30 से 35 लोगों की टीम और लगभग एक से डेढ़ महीने का समय लगता है. युवा मूर्तिकार ने कहा कि इन मूर्तियों को उत्तर प्रदेश ले जाने में 45 दिन तक का समय लग सकता है. तैयारी जोरों पर है. बता दें कि 22 जनवरी से अयोध्या में श्रीराम मंदिर का उद्घाटन समारोह शुरू होगा. इसी दौरान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भी कराई जाएगी.