हिमाचल प्रदेश की आर्थिक हालत ठीक नहीं है. इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनकी कैबिनेट ने ऐलान किया है कि अगरे दो महीनों तक वे अपनी सैलरी और अन्य भत्ते नहीं लेंगे. सीएम सुक्खू ने कहा कि भले ही यह छोटी राशि है लेकिन यह प्रतीकात्मक है. उन्होंने राज्य के सभी विधायकों से भी अपील की है कि वे भी आगे आएं और इसमें अपना योगदान दें. बताते चलें कि हिमाचल प्रदेश पर कर्ज का बोझ 90 हजार करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है और यह लगातार बढ़ता ही जा रहा है.
इसी के बारे में आज सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, 'मंत्रिमंडल में चर्चा करने के बाद सभी मंत्रियों ने यह तय किया है कि जब तक प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था नहीं सुधरती, हम दो महीने तक ना तो सैलरी लेंगे और न ही टीए लेंगे, ना ही डीए लेंगे. हमने अपने सीपीए साथियों से कहा तो उन्होंने कहा कि दो महीने तक वे भी नहीं लेंगे. भले ही यह छोटी राशि है लेकिन यह प्रतीकात्मक है. चाहे डेढ़ करोड़ है , चाहे दो करोड़ है. मैंने सभी विधायकों से भी अनुरोध किया है.'
#WATCH | Himachal Pradesh CM Sukhvinder Singh Sukhu says, "After discussing in the cabinet, all the members of the cabinet decided that until the state sees good improvement in the coming times, we will not take any salary, nor TA, nor DA for 2 months... This is just a small… pic.twitter.com/zMpw7hQRtF
— ANI (@ANI) August 29, 2024
उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि इस अर्थव्यवस्था में जो तेजी से सुधार हुआ है, उसमें अगर थोड़ी सी भी ब्रेक लग गई तो हमारी अर्थव्यवस्था और चरमरा जाएगी. इसीलिए मैं सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से कहना है कि आपका डीए हमें देना है, आपका एरियर हमें देना है. सुधार तेजी से हो रहा है.' हिमाचल प्रदेश के कर्ज पर पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है कि जितना तो उन्होंने 5 साल के कार्यकाल में कर्ज नहीं लिया था, उससे ज्यादा सुक्खू सरकार 2 साल में ही ले चुकी है.
सीएम के बयान पर नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है, 'मुझे जो सूचना मिली है उसके मुताबिक, वे दो महीने तक सैलरी नहीं है. उन्होंने सिर्फ डिफर किया है. आर्थिक संकट है प्रदेश के ऊपर और दो महीने तक सैलरी नहीं लेंगे. मुझे नहीं मालूम कि उससे क्या फर्क पड़ेगा. आपने CPS बनाए हैं जो कि संविधान के मुताबिक नहीं बन सकते, उन्हें कैबिनेट और चेयरमैन का दर्जा दिया है और सारी सुविधाएं दी हैं. मेरे हिसाब से यह कोई समाधान नहीं है. हम भी इसके बारे में पहले अपने विधायकों से चर्चा करेंगे फिर बताएंगे.'