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India Daily

उत्तराखंड में UCC लागू करने का रास्ता साफ! जानें क्या है धामी सरकार के आगे का प्लान?

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी सरकार जल्द ही प्रस्तावित समान नागरिक कानूनों का मसौदा प्राप्त करेगी जिसके बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा.

Avinash Kumar Singh
उत्तराखंड में UCC लागू करने का रास्ता साफ! जानें क्या है धामी सरकार के आगे का प्लान?

हाइलाइट्स

  • उत्तराखण्ड में समान नागरिक कानूनों का मसौदा तैयार
  • समिति धामी सरकार को सौंपेगी अपनी विस्तृत रिपोर्ट

नई दिल्ली: यूसीसी लागू करने को लेकर उत्तराखण्ड सरकार ने कदम आगे बढ़ा दिया है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी सरकार जल्द ही प्रस्तावित समान नागरिक कानूनों का मसौदा प्राप्त करेगी जिसके बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा. अपने ताजा बयान में CM धामी ने बड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं कामना करता हूं कि 2024 सभी के लिए शुभ हो. भगवान राम का जन्म त्रेता युग में हुआ था और इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वह अपनी जन्मस्थली अयोध्या लौट रहे हैं. यही कारण है कि नया साल हम सभी के लिए और भी अधिक महत्व रखता है. जैसे ही हमें यूसीसी का ड्राफ्ट मिलेगा, हम इसे आगे बढ़ाएंगे. 

 UCC मसौदा प्राप्त कर जल्द आगे बढ़ेंगी धामी सरकार

जल्द विधानसभा में पेश किया जाएगा UCC 

इससे पहले CM धामी ने कहा था कि राज्य में सभी समुदायों के लोगों के लिए प्रस्तावित समान कानून बहुत जल्द विधानसभा में पेश किया जाएगा. 22 दिसंबर को उत्तराखंड कैबिनेट ने राज्य में यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए गठित पांच सदस्यीय पैनल की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिफारिशों को मंजूरी दे दी. 

समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट धामी सरकार को सौंपेगी

समिति को अभी अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है. समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं, जो वर्तमान में भारत के परिसीमन आयोग की प्रमुख हैं. समिति के अन्य सदस्यों में दिल्ली उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़, पूर्व मुख्य सचिव और आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह और दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुरेखा डंगवाल शामिल हैं. बीजेपी ने साल 2022 के विधानसभा चुनाव में समान नागरिक कानून लागू करने का वादा किया है. ऐसे में धामी सरकार की प्राथमिकता इसे लागू करने को लेकर है.