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'मैं सिर्फ नवीन बाबू के लिए आया था..' राजनीतिक संन्यास से पहले अपने आखिरी संदेश में क्या कह गए वीके पांडियन

VK Pandian Quits Politics: एक ओर दिल्ली में नरेंद्र मोदी की ताजपोशी होने जा रही है. वहीं दूसरी ओर ओडीशा से एक बड़ी खबर आ रही है. नवीन पटनायक की BJD की हार के बाद वीके पांडियन ने राजनीतिक संन्यास की बात कह दी है. उन्होंने इससे पहले एक संदेश दिया है.

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VK Pandian Naveen Patnaik
Courtesy: IDL

VK Pandian Quits Politics: आज दिल्ली में नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपत लेने जा रहे हैं. इस बीच ओडिशा में सियासत गरमाई हुई है. 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में नवीन पटनायक की पार्टी BJD की करारी हार हुई है. इसके बाद उनके शागिर्द वीके पांडियन ने सियासी संन्यास का ऐलान कर दिया है. उन्होंने राज्य में हार की जिम्मेदारी ली है. इससे पहले एक संदेश जारी किया है. इसमें नवीन पटनायक को लेकर बड़ी बात कही है.

वीके पांडियन ने वीडियो जारी कर अपने फैसले का ऐलान किया. पांडियन को पूर्व CM पटनायक का उत्तराधिकारी देखा जा रहा था. बीजेडी की हार के बाद से पांडियन नजर नहीं आ रहे थे और वह नेताओं की मीटिंग में भी नहीं पहुंचे थे.

क्या बोले पांडियन?

पांडियन ने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा कि राजनीति में शामिल होने का मेरा इरादा कभी नहीं था. मैं यहां सिर्फ नवीन बाबू की सहायता करने आया था. अब मैं सक्रिय राजनीति से अलग होने का फैसला किया है. मेरे खिलाफ बनाए जा रहे नरेटिव के कारण चुनाव में बीजू जनता दल की हार हुई है. मुझे इस बात का दुख है. मैं इसके लिए अपने साथियों और पूरे बीजू परिवार से माफी मांगता हूं.

पटनायक कर चुके हैं फेवर

राज्य में BJD हार का ठीकरा पांडियन के सिर फोड़ा जा रहा था. इसपर नवीन पटनायक की प्रतिक्रिया आई थी. चुनावों में पार्टी हार के संबंध में वीके पांडियन की आलोचनाओं नवीन पटनायक ने शनिवार को कहा था कि हार के लिए पांडियन की आलोचना दुर्भाग्यपूर्ण है. पांडियन ने पूरे अभियान में शानदार काम किया है. इस दौरान उन्होंने कहा था कि पांडियन में उत्तराधिकारी नहीं हैं. इस बात का फैसला ओडिशा की जनता को करना है कि उनका उत्तराधिकारी कौन होगा.

लोकसभा चुनाव परिणाम

बता दें लोकसभा चुनाव 2024 में ओडिशा में 20 सीटें NDA ने जीती हैं. जबकि, इंडिया गठबंधन को यहां से मात्र 1 सीट मिला है. वहीं गठबंधन से अलग रहने वाली और अभी तक राज्य में सरकार चलाने वाली BJD को एक भी सीट नहीं मिली.

विधानसभा के चुनाव परिणाम

वहीं विधानसभा में 40.07 फीसदी वोट शेयर के साथ भाजपा को 78 सीटें मिली है. जबकि, 40.22 फीसदी वोट शेयर के साथ BJD महज 51 सीटें जीत पाई है. कांग्रेस ने 14 और CPIM ने एक सीट पर जीत हासिल की है.