दो अरब लोगों को मिलेगा लाभ...', भारत और यूरोप की 'मदर ऑफ ऑल डील्स' पर EU प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन का दावा
भारत और यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का ऐलान किया है. इसे दो अरब लोगों का फ्री ट्रेड जोन बताया गया है. इस समझौते से व्यापार, निवेश और रणनीतिक रिश्तों में मजबूती आने की उम्मीद है.
नई दिल्ली: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताते हुए कहा कि इस समझौते के साथ दो अरब लोगों का एक विशाल फ्री ट्रेड जोन तैयार हो गया है. उनका कहना है कि यह समझौता भारत और यूरोप के रिश्तों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला है.
मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि भारत और यूरोप आज इतिहास रच रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस समझौते से दोनों पक्षों को बड़ा लाभ मिलेगा और यह केवल शुरुआत है. उनके मुताबिक आने वाले समय में भारत और यूरोपीय संघ का रणनीतिक संबंध और मजबूत होगा.
गौरतलब है कि इससे एक सप्ताह पहले स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान भी उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस समझौते के संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बेहद करीब हैं. उन्होंने तब भी इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा था.
कब से शुरु हुई थी यह वार्ता?
भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता वर्ष 2007 में शुरू हुई थी. कई कारणों से यह बातचीत बीच में रुक गई थी, लेकिन जून 2022 में इसे दोबारा शुरू किया गया. अब दोनों पक्षों के बीच इस समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी है.
भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार कौन है?
यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 135 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा. इस मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार और निवेश में और तेजी आने की उम्मीद है.
सूत्रों के अनुसार इस समझौते के साथ ही भारत और यूरोपीय संघ रक्षा सहयोग से जुड़ा एक नया ढांचा और 2026 से 2030 तक का रणनीतिक एजेंडा भी पेश कर सकते हैं. इसके अलावा औद्योगिक रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षा सूचना समझौते पर बातचीत शुरू होने की संभावना है.