UCC Controversy: समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर देश में विवाद और विरोध लगातार जारी है. कुछ समुदायों का मानना है कि सरकार इस कानून के जरिए उनकी धार्मिक पहचान और परंपराओं को कमजोर करना चाहती है. हाल ही में एक प्रमुख संगठन ने इस मुद्दे पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
आपको बता दें कि इस्लामिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि UCC उनके धार्मिक अधिकारों पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा, ''मजहब-ए-इस्लाम हमारी रगों में बसा है, हम इसे नहीं छोड़ सकते. सरकार हमारी हैसियत को कम करना चाहती है, लेकिन हम अपने धार्मिक मूल्यों से समझौता नहीं करेंगे.''
"UCC से सरकार हमारी हैसियत को कम करना चाहती है, मज़हब-ए-इस्लाम हमारी रगो में है, हम उसे नहीं छोड़ सकते" #UCC pic.twitter.com/KEraJ33TsA
— aditi tyagi (@aditi_tyagi) March 5, 2025Also Read
UCC को लेकर क्या है विरोधियों की मांग?
बताते चले कि समुदाय का मानना है कि UCC लागू करने से उनके धार्मिक कानूनों में हस्तक्षेप होगा.
विरोधियों का कहना है कि भारत विविधता वाला देश है और यहां सभी धर्मों को उनकी मान्यताओं के अनुसार जीने का अधिकार है. सरकार से मांग की गई है कि इस मुद्दे पर सभी समुदायों से विचार-विमर्श किया जाए.
सरकार का क्या कहना है?
इसके अलावा, सरकार का तर्क है कि UCC सभी नागरिकों को समान अधिकार देगा और कानूनी भेदभाव को समाप्त करेगा. हालांकि, इस प्रस्ताव पर बहस और विवाद अभी भी जारी है.