गिरिराज सिंह ने मानी पीएम मोदी की बात, पेट्रोल छोड़ तुरंत खरीद ली इलेक्ट्रिक कार
देश में बढ़ती ईंधन खपत और प्रदूषण को लेकर हाल ही में पीएम मोदी ने एक बड़ा बयान दिया था. उनकी अपील को सुनते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पेट्रोल-डीजल वाहन छोड़ तुरंत इलेक्ट्रिक अपना लिया.
देश में पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती खपत को कम करने के लिए पीएम मोदी ने हाल ही में लोगों से अपील की थी. उनकी बात पर अमल करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तुरंत पेट्रोल-डीजल वाहन छोड़ इलेक्ट्रिक कार को अपना लिया. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब लोग पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करें और इलेक्ट्रिक वाहनों, कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें. उन्होंने खुद के उदाहरण के जरिए लोगों को समझाने की कोशिश की कि छोटे-छोटे बदलाव भी देश के लिए बड़ा असर डाल सकते हैं.
इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बताया भविष्य
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वह खुद इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल कर रहे हैं. मंत्री ने कहा कि भारत को भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाना होगा. उनके मुताबिक, इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि सरकार भी लगातार ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर काम कर रही है.
कारपूलिंग और मेट्रो इस्तेमाल पर जोर
गिरिराज सिंह ने लोगों से निजी गाड़ियों का कम इस्तेमाल करने की अपील करते हुए कारपूलिंग को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने कहा कि अगर एक ही दिशा में जाने वाले लोग साथ सफर करें तो ट्रैफिक और ईंधन दोनों की समस्या कम हो सकती है. इसके अलावा उन्होंने मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के अधिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया. मंत्री ने कहा कि बड़े शहरों में रोजाना लाखों लीटर ईंधन सिर्फ ट्रैफिक जाम में बर्बाद हो जाता है. अगर लोग सार्वजनिक परिवहन अपनाएं तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा.
हफ्ते में एक दिन ईंधन बचाने की सलाह
केंद्रीय मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि लोगों को सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोल और डीजल वाहनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक इस छोटे कदम को अपनाए तो देश में ईंधन की खपत में बड़ा बदलाव देखा जा सकता है. उन्होंने इसे केवल सरकारी पहल नहीं बल्कि जन आंदोलन बनाने की जरूरत बताई. उनके मुताबिक, ऊर्जा बचत को लेकर लोगों की सोच बदलना सबसे जरूरी है. उन्होंने कहा कि विकसित देशों में भी इस तरह के प्रयासों से अच्छे परिणाम मिले हैं.