रोजगार, किसान हो या टैक्सपेयर्स...बजट पर हर वर्ग की है नजर, इस बार हो सकते हैं ये 5 बड़े ऐलान
रविवार को पेश होने वाले बजट से शिक्षा, नौकरी , किसानों, महिलाओं और टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. महंगाई कम करने और आय बढ़ाने वाले फैसलों का हर कोई ऐसे बेसब्री से इंतजार कर रहा है.
नई दिल्ली: इतिहास में पहली बार देश का बजट रविवार को यानी आज पेश किया जा रहा है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम आदमी, किसानों, महिलाओं, युवाओं और टैक्सपेयर्स के लिए बजट में कई खास घोषणाएं कर सकती हैं. देश के नागरिकों को इस बजट से बहुत उम्मीदें हैं.
शिक्षा क्षेत्र की मांग है कि नामांकन बढ़ाने के बजाय गुणवत्ता आधारित शिक्षा पर ध्यान दिया जाए. बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने के लिए सरकारी से लेकर प्राइवेट संस्थानों तक, हर स्कूल और कॉलेज में AI, डिजिटल और स्किल-बेस्ड लर्निंग को शामिल किया जाना चाहिए. ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. इसके लिए कुशल शिक्षकों की भर्ती की जानी चाहिए.
सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में छात्रों के लिए ज्यादा से ज्यादा नए रोजगार के अवसर पैदा किए जाने चाहिए. स्कॉलरशिप, किफायती स्टूडेंट लोन और स्टूडेंट-केयर फाइनेंसिंग बढ़ाई जानी चाहिए.
किसानों की क्या उम्मीदें हैं?
इस बार किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए कई मांगें कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का बजट 6000 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 12000 रुपये प्रति वर्ष किया जाए, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच किसानों को वित्तीय सहायता मिल सके.
दालों, तिलहन, रबी और खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भी बढ़ाया जाना चाहिए. फसल बीमा योजना का प्रीमियम कम किया जाना चाहिए. फसलों को स्टोर करने के लिए स्टोरेज सुविधाएं दी जानी चाहिए. साथ ही, उर्वरकों की कीमतें कम की जानी चाहिए.
आम आदमी को क्या है उम्मीद?
आम आदमी को उम्मीद है कि यह बजट महंगाई को और कम करने पर ध्यान देगा ताकि उनकी बुनियादी जरूरतें - खाना, कपड़े और घर जैसी चीजें पूरी हो सकें. आम आदमी और FMCG सेक्टर टैक्स का बोझ और कम करने के लिए GST में और सुधार की मांग कर रहे हैं, जिसका सीधा फायदा आम आदमी को होगा.
बजट से महिलाओं की क्या उम्मीदें हैं?
महिला उद्यमी बजट में क्रेडिट और लोन तक आसान पहुंच चाहती हैं, जिससे व्यवसाय शुरू करना और बढ़ाना आसान हो सके. वे खास तौर पर MSME सेक्टर में टैक्स में राहत, कम ब्याज दरें और फाइनेंशियल मदद की मांग कर रहे हैं. वे महिलाओं के लिए नए रोजगार के मौके बनाने के लिए नए प्रोग्राम और सब्सिडी भी चाहते हैं.
महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सोशल वेलफेयर के लिए बजट में ज्यादा पैसे देने की भी उम्मीद है.
इस बजट से टैक्सपेयर्स की क्या उम्मीदें हैं?
नए टैक्स सिस्टम के तहत, 12 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर कोई टैक्स नहीं है, लेकिन कई टैक्सपेयर्स अभी भी इस दायरे से बाहर हैं. इसलिए इस लिमिट को बढ़ाकर 14 लाख रुपये करने की मांग है. इसके साथ ही नए टैक्स सिस्टम के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की भी मांग है. जो टैक्सपेयर्स अभी भी पुराने टैक्स सिस्टम में हैं, वे भी अपनी छूट की लिमिट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं.
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