नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश करते हुए कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई बड़ी पहलों की घोषणा की. एक मुख्य बात बहुभाषी AI-आधारित कृषि टूल का लॉन्च था, जिसे किसानों को क्षेत्रीय भाषाओं में फसल योजना, मौसम सलाह, कीट प्रबंधन और बाजार से संबंधित जानकारी में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है.
इस पहल से देश भर के किसानों के लिए टेक्नोलॉजी तक पहुंच और समय पर निर्णय लेने में सुधार होने की उम्मीद है. वित्त मंत्री ने कहा कि यह टूल, भारत विस्तार, खेती की उत्पादकता बढ़ाएगा. किसानों के लिए बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा और कस्टमाइज्ड सलाह देकर जोखिम को कम करेगा.
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित प्लेटफॉर्म भारत के 'एग्री स्टैक' पोर्टल्स पर AI टूल्स भी तैनात करेगा. 'भारत विस्तार कृषि संसाधनों तक पहुंचने के लिए वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम है. उन्होंने कहा, 'मैं भारत विस्तार लॉन्च करने का प्रस्ताव करती हूं, जो एक बहुभाषी AI टूल है जो एग्री-स्टैक पोर्टल्स और कृषि पद्धतियों पर ICAR पैकेज को AI सिस्टम के साथ इंटीग्रेट करेगा.'
सरकार नारियल, चंदन, अखरोट जैसी ज्यादा कीमत वाली फसलों को सपोर्ट करेगी. वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट पेश करते हुए घोषणा की कि सरकार नारियल, चंदन और अखरोट जैसी ज्यादा कीमत वाली फसलों की खेती और विकास को सपोर्ट देगी. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र चंदन पारिस्थितिकी तंत्र की महिमा को बहाल करने के लिए राज्यों के साथ साझेदारी करेगा.
जिसमें संरक्षण, स्थायी खेती और मूल्य-श्रृंखला विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. चंदन, एक उच्च-मूल्य वाला वन और कृषि-वानिकी उत्पाद है. जिससे किसानों और वन-निर्भर समुदायों के लिए महत्वपूर्ण आय के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
उन्होंने कहा कि नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धात्मकता को और बढ़ाने के लिए, मैं विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं. जिसमें प्रमुख नारियल उगाने वाले राज्यों में अनुत्पादक पेड़ों को नई किस्मों के पौधों या रोपों से बदलना शामिल है.
भारतीय काजू और कोको के लिए एक समर्पित कार्यक्रम प्रस्तावित है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल उत्पादन और प्रसंस्करण में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाई जा सके.
पशुधन सेक्टर में सरकार ने क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रोग्राम और पशुपालक किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने का प्रस्ताव दिया है. इन कदमों का मकसद फाइनेंस तक पहुंच को बेहतर बनाना, सामूहिक खेती के मॉडल को मजबूत करना और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए मौके पैदा करना है.