'हमसे गलती हुई...', शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों को लेकर छलका उद्धव ठाकरे का दर्द
मुंबई के भांडुप में आयोजित रैली में उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों और बीजेपी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने मतदाताओं से माफी मांगते हुए शिवसेना की विरासत पर दावा किया और विश्वासघात का मुद्दा उठाया.
नई दिल्ली: मुंबई के भांडुप में शिवसेना (यूबीटी) की रैली राजनीतिक तौर पर काफी अहम रही. बागी सांसद संजय दिना पाटिल के प्रभाव वाले क्षेत्र में आयोजित इस सभा में पार्टी प्रमुख Uddhav Thackeray ने अपने विरोधियों पर खुलकर निशाना साधा. उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं, बीजेपी और केंद्र सरकार के कुछ प्रमुख चेहरों पर हमला बोलते हुए कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की. रैली के दौरान उनके भाषण में भावनात्मक अपील, राजनीतिक आरोप और संगठन को मजबूत करने का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया.
सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनके सामने केवल कार्यकर्ता नहीं, बल्कि जलती हुई मशालें खड़ी हैं. उन्होंने कहा कि विश्वासघात की घटनाओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं के भीतर नई ऊर्जा पैदा की है. ठाकरे ने दावा किया कि पार्टी स्थापना दिवस पर किए गए वादों को अब जमीन पर उतारा जा रहा है और वह खुद उन इलाकों में पहुंच रहे हैं जहां पार्टी को नुकसान हुआ.
मतदाताओं से मांगी माफी
उद्धव ठाकरे ने उन सांसदों का उल्लेख किया जिन्होंने बाद में पार्टी से दूरी बना ली. उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें शिवसेना और मशाल चुनाव चिन्ह के नाम पर चुना था. ऐसे नेताओं को उम्मीदवार बनाना पार्टी की भूल थी और इसके लिए वह मतदाताओं से माफी मांगते हैं. उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास सर्वोपरि है और उसे फिर से मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है.
Also Read
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
अपने भाषण में ठाकरे ने बीजेपी पर शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वर्षों तक दोनों दल साथ रहे, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं. ठाकरे ने दावा किया कि बीजेपी ने संगठन को नुकसान पहुंचाने की रणनीति अपनाई. उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में शिवसेना ने बीजेपी को राजनीतिक मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
अमित शाह के बयान पर पलटवार
उद्धव ठाकरे ने बिना नाम लिए केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि शिवसेना की पहचान उसके इतिहास, कार्यकर्ताओं और विचारधारा से जुड़ी है. ठाकरे ने दोहराया कि पार्टी की असली विरासत उनके और दिवंगत Bal Thackeray के नेतृत्व से जुड़ी रही है. उन्होंने बाहरी हस्तक्षेप पर भी सवाल उठाए.
बागी सांसदों पर साधा निशाना
रैली में ठाकरे ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी तीखे तंज कसे. उन्होंने कहा कि राजनीतिक पद और सम्मान केवल अवसर मिलने से नहीं, बल्कि जनसमर्थन और मेहनत से हासिल होते हैं. हाल के दिनों में पार्टी के कई सांसदों की अनुपस्थिति और कुछ नेताओं के दूसरे गुट में जाने की चर्चाओं के बीच यह रैली संगठनात्मक एकजुटता दिखाने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है.