सीएम योगी ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान, कहा- 'एक-एक बूंद बचाने के लिए चलाया जाए अभियान'
उत्तर प्रदेश में संभावित कम वर्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया है. उन्होंने पेयजल आपूर्ति, वर्षाजल संचयन और भूजल संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं.
मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने जल संरक्षण की तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए. उन्होंने ‘कैच द रेन’ अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने और वर्षाजल संचयन को बढ़ावा देने पर जोर दिया. साथ ही प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेयजल संकट न पैदा हो, इसके लिए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए.
जल संरक्षण को मिले जनभागीदारी का सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है. उन्होंने सभी विभागों को मिलकर लोगों को जागरूक करने और जल बचाने की आदत विकसित करने पर जोर दिया. उनका कहना था कि गांवों और शहरों में ऐसे प्रयास होने चाहिए, जिनसे पानी का अधिकतम उपयोग और न्यूनतम अपव्यय सुनिश्चित किया जा सके. उन्होंने वर्षाजल संचयन की योजनाओं को तेज गति से लागू करने के निर्देश भी दिए.
कम वर्षा की संभावना ने बढ़ाई चिंता
बैठक में मौसम विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम बारिश होने के संकेत हैं. पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों में वर्षा का स्तर औसत से नीचे रह सकता है. इसके अलावा तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है. मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को संभावित परिस्थितियों के अनुसार पहले से तैयारी करने को कहा, ताकि किसानों और आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.
Also Read
भूजल सुधार के सकारात्मक संकेत
भूगर्भ जल विभाग ने बैठक में बताया कि पिछले वर्षों में भूजल संरक्षण के प्रयासों का अच्छा असर दिखाई दिया है. प्रदेश में अतिदोहित विकासखंडों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है और कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है. अधिकारियों ने बताया कि बीते दशक में सैकड़ों विकासखंडों में भूजल पुनर्भरण की स्थिति बेहतर हुई है, जो भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
तालाबों और सरोवरों पर रहेगा विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तालाबों, पोखरों और अमृत सरोवरों की स्वच्छता तथा संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गंदे पानी को जलाशयों तक पहुंचने से रोकने की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए. साथ ही आधुनिक सिंचाई तकनीकों, हरित ऊर्जा और जल संरक्षण आधारित योजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. सरकार का लक्ष्य है कि संभावित कम बारिश के बावजूद प्रदेश में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो.