'हादसों का रिकॉर्ड बनाना चाहती है सरकार,' झारखंड में डिरेल हुई ट्रेन तो अखिलेश ने कसा तंज
अखिलेश यादव ने हादसों पर बयान देते-देते अचानक केशव प्रसाद मौर्य का भी जिक्र कर दिया. उन्होंने फिर यूपी के डिप्टी सीएम को मोहरा बताया है. उन्होंने कहा है कि ये जब घिरते हैं तो मोहरों को आगे कर देते हैं. अखिलेश यादव उत्तराखंड में ट्रेन डिरेल और वायनाड में भूस्खलन का जिक्र कर रहे थे.
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष (Akhilesh Yadav) ने झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल के बाराबम्बो रेलवे स्टेशन पर ट्रेन हादसे को लेकर सरकार को घेरा है. इस हादसे में ट्रेन की 18 बोगियां डिरेल हो गईं, वहीं 2 यात्रियों ने हादसे में जान गंवा दी. 20 लोग गंभीर रूप से हादसे में जख्मी हो गए हैं. अखिलेश यादव से संसद भवन के अंदर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि सरकार हादसों का रिकॉर्ड बनाना चाहती है.
अखिलेश यादव ने पेपरलीक केस और दूसरे ट्रेन हादसों का जिक्र करते हुए कहा, 'लगता तो ये है कि सरकार हर चीज में रिकॉर्ड बनाना चाहती है. कुछ दिन पहले पेपर लीक रिकॉर्ड बनाया. परीक्षाओं के पेपर लीक का रिकॉर्ड बन रहा है. अब ट्रेन हादसों का भी रिकॉर्ड बनने जा रहा है. आखिरकार सरकार जो दावा करती है कि सिक्योरिटी एंड सेफ्टी का, इतना बड़ा बजट है, तभी हादसे क्यों हो रहे हैं, लोगों की जान जा रही है. जान जाने वालों की सरकार मदद करें, आगे ऐसे हादसे न हों, सरकार रोके.'
'हादसों पर क्या है सरकार का प्लान?,' अखिलेश ने किया सवाल
अखिलेश यादव यही नहीं रुके. उन्होंने केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन को लेकर भी सरकार को घेरा. अखिलेश यादव ने कहा, 'सरकार कॉप 21 में गई थी. ग्लोबल वार्मिंग क्लाइमेट चेंज पर बातें बड़ी-बड़ी की गईं. वहां लैंडस्लाइड हुआ, उत्तराखंड में भी हुए. सरकार ऐसे हादसों पर क्या कर रही है, ये बताए. इन हादसों को कैसे रोके, इस पर काम हो.'
हादसों पर हो रहे हादसे, रुकेंगे कब?
2 जून को ओडिशा में बालासोर में ट्रेन हादसा हुआ था, जिसमें करीब 296 लोग मारे गए थे, वहीं 1200 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. 11 अक्टूबर को बिहार के बक्सर में रेल के 24 डिब्बे पटरी से उतरे और 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं 70 लोग घायल हो गए थे. विजय नगर को आंध्र प्रदेश के कंटकापल्ली रेल हादसे में 14 लोग मारे गए थे. 50 से ज्यादा घायल थे. लगातार हो रहे ट्रेन हादसों की वजह से रेल मंत्रालय की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं और केंद्र सरकार, विपक्ष के निशाने पर है.