मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के पास मराठा आरक्षण को लेकर प्रदर्शनकारियों का जोरदार प्रदर्शन जारी है, जिसके कारण इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गया है. यह घटना 30 अगस्त 2025, शनिवार की शाम को सामने आई, जब सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं. स्थानीय पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण के लिए भारी बल तैनात किया है, लेकिन भीड़ के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें आरक्षण के वादों को पूरा करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मराठा समुदाय काफी लंबे समय से आरक्षण की मांग को लेकर संघर्षरत है. इस बार प्रदर्शनकारियों ने CSMT के पास रेलवे ट्रैक और मुख्य सड़कों को जाम कर दिया, जिससे ट्रेन और वाहन सेवाएं बाधित हुईं हैं. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले वादों को पूरा करने में ढिलाई बरती जा रही है. वे मराठा समुदाय के लिए शिक्षा और नौकरी में आरक्षण की मांग पर अडिग हैं. इस प्रदर्शन ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों पर चर्चा को तेज कर दिया है.
#WATCH | Maharashtra: Traffic halts near Chhatrapati Shivaji Maharaj Terminus (CSMT) in Mumbai where Maratha reservation protestors continue their protest. pic.twitter.com/Qo9nJwaesK
— ANI (@ANI) August 30, 2025
CSMT के आसपास की सड़कों पर गाड़ियों की लगी लंबी कतारें
इस मराठा आंदोलन के चलते CSMT के आसपास की सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल, पुलिस ने डायवर्सन और बैरिकेडिंग के जरिए यातायात को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है. इधर, रेलवे प्रशासन ने कुछ ट्रेनों के रूट बदलने की घोषणा की है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो.
मराठा आंदोलन की क्या हैं मांगे?
मराठा अधिकार कार्यकर्ता मनोज जारंगे-पाटिल के नेतृत्व में शुक्रवार (29 अगस्त) को हुए विरोध प्रदर्शनों ने मुंबई शहर को लगभग ठप्प कर दिया. जारंगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के साथ, मराठा आरक्षण आंदोलन शनिवार, 30 अगस्त को अपने दूसरे दिन में एंट्री कर चुका है. जारंगे ने शुक्रवार को मुंबई के आजाद मदन में अपनी भूख हड़ताल शुरू की. उनकी मांग है कि सभी मराठों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल किया जाए ताकि उन्हें सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल सके.