बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगने जा रहा है, सियासी गलियारों से आ रही खबरों पर यकीन करें तो जल्द ही टीएमसी के 18 सांसद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं. टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर यह सबसे बड़ी चोट होगी. दो दिन पहले ममता बनर्जी की करीबी रहीं टीएमसी सांसद काकोली घोष जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर यह साफ कर चुकी हैं उनकी टीएमसी और ममता बनर्जी के प्रति अब वैसी वफादारी नहीं रह गई है.
दरअसल कुछ दिनों पहले ही पार्टी ने उन्हें लोकसभा में व्हिप प्रमुख के पद से हटाकर कल्याण बनर्जी को दे दिया था, उसके बाद काकोली ने नाराजगी भी जाहिर की थी. इस प्रकरण के बाद केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी तो उनकी पार्टी से दूरियां बढ़ने की चर्चा शुरू हो गई थी, सोमवार को आए कल्याण बनर्जी के एक बयान ने भी ऐसे संकेत दिए थे कि काकोली बीजेपी में शामिल हो सकती हैं. सियासी सूत्रों के हवाले से अब ताजा खबर ये है कि टीएमसी के 18 सांसद बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. हालांकि इस संबंध में अधिकारिक जानकारी आना अभी बाकी है.
बंगाल चुनाव हारने के बाद टीएमसी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. कुछ दिन पहले ही टीएमसी के 91 पार्षद भी पार्टी का दामन छोड़ चुके हैं. इसके अलावा विधानसभा सभा परिषद में बुलाए गए पहले विरोध प्रदर्शन में भी टीएमसी के आधे से अधिक विधायक पहुंचे ही नहीं थे, उसके बाद भी इस तरह के सवाल उठे थे कि टीएमसी में कोई बड़ी टूट हो सकती है.
अब टीएमसी सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा से पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल बढ़ गई है। सूत्र बताते हैं कि 12 सांसदों ने पाला बदलने का मन बना लिया है, जबकि पांच से छह सांसद लाइन में है. ये सांसद कौन हैं और कब तक टीएमसी का दामन छोड़ सकते हैं, यह साफ होने में समय लग सकता है, लेकिन इतना तो पक्का है कि निकट भविष्य में ही टीएमसी को यह बड़ा लगेगा. अब देखना यह होगा कि पार्टी छोड़ने वालों की संख्या का इतनी हो सकती है कि दल-बदल कानून से भी बच जाएं. लोकसभा में टीएमसी के कुल 29 सांसद हैं, दो-तिहाई का आंकड़ा पूरा करने के लिए 20 सांसदों की जरूरत होगी.