'लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर...', मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में TMC; कल्याण बनर्जी ने क्या बताया?

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की बात कही है. पार्टी का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण से मताधिकार प्रभावित हो रहा है.

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Anuj

नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार किया जा रहा है.

टीएमसी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में चल रही एसआईआर प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर रही है. एसआईआर प्रक्रिया को लेकर देश में पिछले काफी समय से राजनीतिक घमासान जारी है.

महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की संभावना पर विचार कर रही है. उनके मुताबिक, जिस तरह से विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जा रहा है, उससे आम नागरिकों का वोट देने का अधिकार छीना जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों से भी बातचीत चल रही है. 

'लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है'

कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की मौजूदा प्रक्रिया का उद्देश्य लोगों को मतदान सूची से बाहर करना है. उनका कहना है कि यह कदम लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है. टीएमसी का दावा है कि अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो देशभर में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होंगे.

CM ममता बनर्जी की नाराजगी

एक दिन पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की थी. इस बैठक के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और ममता बनर्जी बैठक अधूरी छोड़कर बाहर आ गई. इसके बाद उन्होंने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को महाभियोग के योग्य बताया और उनके रवैये को अहंकारी करार दिया.

पीड़ितों को सामने लाने का दावा

ममता बनर्जी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसआईआर से प्रभावित लोगों को सामने बैठाया. उन्होंने दावा किया कि ये लोग उन हजारों नागरिकों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह लाखों पीड़ितों को सामने ला सकती हैं.

समय और राज्यों पर सवाल

मुख्यमंत्री ने एसआईआर के समय और चयनित राज्यों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले केवल विपक्ष शासित राज्यों में यह प्रक्रिया क्यों चल रही है. उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए पूछा कि भाजपा शासित राज्य में अलग प्रक्रिया क्यों अपनाई जा रही है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं भी लंबित हैं.