'जिसे दूसरी पार्टी में जाना है जाए, रोकूंगी नहीं', चुनाव में करारी हार से बौखलाई ममता बनर्जी की पार्टी नेताओं को दो टूक

चुनाव में करारी हार के बाद टीएमसी में अंदरूनी कलह निकलकर सामने आ रही है. नेताओं के दूसरी पार्टियों में जाने की चर्चा के बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की है.

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Kuldeep Sharma

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के दूसरी पार्टियों में जाने की हो रही है. इसी बीच टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी की एक अहम मीटिंग रखी थी. इस बैठक में राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवार और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.

ममता की नेताओं को दो टूक

बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के बावजूद पार्टी दोबारा मजबूती के साथ खड़ी होगी और भविष्य में और मजबूत बनकर उभरेगी. इसके साथ ही ममता ने साफ शब्दों में कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं वे ऐसा करने के लिए आजाद हैं. उन्होंने कहा कि वह किसी को जबरदस्ती रोकने में विश्वास नहीं रखती हैं.

पार्टी को फिर से मजबूत करने का किया वादा

ममता बनर्जी ने बैठक में कहा- 'जो लोग दूसरी पार्टियों में जाना चाहते हैं, उन्हें जाने दीजिए. मैं पार्टी को फिर से खड़ा करूंगी और पहले से ज्यादा मजबूत बनाऊंगी.' उन्होंने पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं से राज्यभर में पार्टी के डेमेज कार्यालयों को फिर से तैयार करने की भी अपील की है. ममता ने कहा कि कार्यकर्ता कार्यालयों की मरम्मत करें और उन्हें रंग-रोगन कर दोबारा शुरू करें. उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद भी पार्टी कार्यालयों को पेंट करने पहुंच जाएंगी.

इलेक्शन रिजल्ट को बताया जनादेश की लूट

इसके साथ ही ममता बनर्जी ने फिर से चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश की 'लूट' हुई है. उनका मानना है कि चुनाव नतीजे जनता की वास्तविक भावना को पूरी तरह नहीं दिखाते. उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब पार्टी के भीतर असंतोष और नेताओं के दल बदलने की अटकलें लगातार बढ़ रही हैं. 

गौरतलब है कि इससे पहले भी ममता बनर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह चुकी हैं कि कुछ नेता अपनी मजबूरियों या राजनीतिक कारणों से पार्टी छोड़ सकते हैं. हालांकि उन्होंने दोहराया कि वह किसी को उसकी इच्छा के खिलाफ रोकना नहीं चाहतीं. यह बैठक पार्टी को दोबारा संगठित करने और कार्यकर्ताओं में भरोसा कायम रखने की कोशिश मानी जा रही है.