कोलकाता आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ और हत्या का मामला काफी गरमा गया है. पूरे देश में डॉक्टर सड़कों पर हैं. हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक एक्शन मोड में नजर आ रही है. केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई सात दिन से पूरे सबूत जुटाने में लगी है. इस मामले में अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल डाक्टर संदीप घोष चौतरफा विवाद में फंस गए हुए हैं. सीबीआई की टीम लगातार संदीप घोष से पूछताछ कर रही है.
पिछले 5 दिन में डॉक्टर घोष से 64 घंटे तक पूछताछ की गई है. सभी सवालों का सिलसिला थमा नहीं है. वहीं वित्तीय अनियमितता से जुड़े नए मामले में भी डा. घोष की मुश्किलें बढ़ गई है.वहीं सीबीआई संदीप घोष का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने पर विचार कर रही है . सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि झूठ पकड़ने वाली मशीन से जांच इसलिए कराई जाएगी क्योंकि एजेंसी को पूछताछ के दौरान उनके जवाबों में काफी फेरबदल है.
बता दें कि संदीप ने अपराध के दो दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया था. ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या डॉक्टर की हत्या किसी साजिश के तहत की गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई ने घोष से पूछा कि हत्या के बारे में सुनकर उनकी प्रतिक्रिया क्या थी, एजेंसी ने डॉक्टर से यह पूछा है कि उन्होंने शव परिवार को सौंपने में देर क्यों की, माता-पिता को तीन घंटे इंतजार क्यों करावाया. बता दें कि आज यानी 21 अगस्त को भी इस घटना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है.
#WATCH पश्चिम बंगाल: कोलकाता के राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान के डॉक्टरों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बलात्कार-हत्या मामले में न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। pic.twitter.com/h3GvS4CqbS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 21, 2024Also Read
जांच एजेंसी ने बताया कि 'हम घोष के जवाबों की और पुष्टि करना चाहते हैं, क्योंकि हमारे सवालों के कुछ जवाबों में काफी अंतर है, इसलिए हम उनका पॉलीग्राफ टेस्ट कराने पर विचार कर रहे हैं. इतना ही नहीं सीबीआई ने संदीप घोष से उस व्यक्ति के बारे में भी पूछा जिसने सबसे पहले घोष को फोन कर हत्या की सूचना दी'.