सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति के आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने की इजाजत देने के खिलाफ देशभर में दलित और आदिवासी संगठनों ने 14 घंटे का भारत बंद बुलाया है. बिहार में भी दलित और आदिवासी संगठन, भारत बंद के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं. बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां बरसाई हैं. एक प्रदर्शनकारी पर तो पुलिसकर्मी इतने भड़के कि उस पर मिलकर लाठियां बरसाने लगे. उसे सिर पर भी डंडे मारे गए. यह वीडियो पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है.
बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं और पुलिसकर्मी उन्हें हर जगह से भगा रहे हैं. दौड़ा-दौड़ाकर पुलिस, प्रदर्शनकारियों को पीट रही है, पैदल और गाड़ी से निकलने वाले प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस पकड़कर पीट रही है. मारपीट की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी फूट रही हैं. पुलिस के रवैये को लेकर अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि कैसे कोई संवैधानिक संस्था, किसी का ऐसे उत्पीड़न कर सकती है.
सुप्रीम कोर्ट में मानवाधिकारों से जुड़े मामलों को देखने वाले वकील शुभम गुप्ता बताते हैं कि पुलिस का यह रवैया शर्मनाक है. पुलिस के खिलाफ मानवाधिकार आयोग को एक्शन लेना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट को खुद इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेना चाहिए. किसी भी संवैधानिक संस्था के लिए यह शर्मनाक है. पुलिस जनता की सेवा के लिए है, बल प्रयोग के लिए नहीं. पुलिस न शांतिपूर्ण चल रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसक रवैया अपनाया है.
मानवाधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता आनंद मिश्र बताते हैं कि पुलिस का कानून-व्यवस्था के नाम पर हिंसा करना कानूनी रूप से गलत है. ऐसी हरकतों पर अधिकारी नप सकते हैं. शांति पूर्ण प्रदर्शन करने का हक भारत का संविधान भी देता है. प्रदर्शनकारी अपना हक मांग रहे हैं. हक मांगने वालों पर ऐसी कार्रवाई करना नैतिक रूप से गलत है. मानवाधिकार आयोग को इसमें दखल देना चाहिए.
#WATCH | Bihar: Police lathi-charge people in Patna as they stage protest in support of a day-long Bharat Bandh against the Supreme Court's recent judgment on reservations. pic.twitter.com/5jEMQiagJJ
— ANI (@ANI) August 21, 2024
पटना के फुलवारी शरीफ के खोजा इमरी मजार से लेकर अनिसाबाद गोलंबर बेउल मोड़ तक, प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं. पुलिस के मुताबिक ये विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया था. प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती थी. भीम आर्मी, आरजेडी, बसपा के कुछ कार्यकर्ता सड़कों पर हैं. इस रास्ते से गुजरने वालीगाड़ियों को निशाना बनाया और उनमें तोड़फोड़ की गई. इसी आधार पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया है. पुलिस ने हिंसा को दबाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया है.