नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस यानी ISI और बांग्लादेश के कट्टरपंथी संगठनों से लिंक वाले एक कथित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि एक कोऑर्डिनेटेड ऑपरेशन में तमिलनाडु से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है.
आरोपियों की पहचान मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल के तौर पर हुई है. इन्हें तिरुपुर जिले की गारमेंट यूनिट से हिरासत में लिया गया.
#WATCH | Tiruppur, Tamil Nadu | Visuals of the six arrested accused, namely Mizanur Rahman, Mohammad Shabat, Umar, Mohammad Litan, Mohammad Shahid, and Mohammad Ujjal from Tamil Nadu, being taken to Delhi, yesterday.
— ANI (@ANI) February 22, 2026
The six accused were arrested by the Delhi Police. https://t.co/SAkLoE8Bji pic.twitter.com/PykAiqRrOv
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए कुछ लोग बांग्लादेशी नागरिक हैं और कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाने के लिए नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. जांचकर्ताओं के मुताबिक संदिग्ध विदेशी हैंडलर्स के कहने पर भारत में एक बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहे थे.
आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली लाया जा रहा है. ऑपरेशन के दौरान पुलिस को आठ मोबाइल फोन और 16 SIM कार्ड मिले, जिनकी अब डिजिटल सबूत और दूसरे ऑपरेटिव से संभावित लिंक के लिए जांच की जा रही है.
यह मॉड्यूल सबसे पहले तब जांच के दायरे में आया जब हाल के दिनों में दिल्ली मेट्रो नेटवर्क समेत देश की राजधानी के कई हिस्सों में भड़काऊ पोस्टर दिखे. कहा जाता है कि पोस्टरों में भड़काऊ कंटेंट और कश्मीर का जिक्र था, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी. स्पेशल सेल ने पोस्टरों की शुरुआत के बारे में गहरी जांच की, जिससे जांच करने वालों को तमिलनाडु से चल रहे नेटवर्क का पता चला, जिसके नतीजे में आखिरकार गिरफ्तारियां हुईं.
अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को एक संभावित आतंकी साजिश को रोकने में एक बड़ी कामयाबी बताया और संदिग्धों, फंडिंग चैनल और संभावित क्रॉस-बॉर्डर कनेक्शन की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है.
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस मॉड्यूल का नेटवर्क कितना व्यापक था और किन स्थानों को निशाना बनाने की योजना थी. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देश में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है. पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके.