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एक्टर विजय की रैली में 39 लोगों की मौत पर सीएम स्टालिन ने जताया शोक, प्रशासन को दिए 'युद्ध स्तर' पर कार्रवाई के आदेश

Vijay rally stampede​​​​​​​: तमिलनाडु के करूर में एक्टर-राजनीतिज्ञ विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ में हुई लोगों की मौत को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 'गंभीर चिंता' का विषय बताया है. प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
एक्टर विजय की रैली में 39 लोगों की मौत पर सीएम स्टालिन ने जताया शोक, प्रशासन को दिए 'युद्ध स्तर' पर कार्रवाई के आदेश
Courtesy: social media
Vijay rally stampede: करूर में शनिवार को आयोजित तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) प्रमुख और अभिनेता-नेता विजय की रैली एक बड़े हादसे में बदल गई. भीड़ बेकाबू हो गई और कई लोग बेहोश होकर गिर पड़े. 

हालात ऐसे बने कि विजय को अपना भाषण बीच में रोकना पड़ा और खुद पानी की बोतलें फेंककर लोगों को संभालने की कोशिश करनी पड़ी. घटना के बाद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने आपात निर्देश जारी किए हैं.

सीएम स्टालिन का सख्त रुख

वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने घटना पर गहरी चिंता जताई और तुरंत करूर के कलेक्टर, पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी और स्वास्थ्य मंत्री एमए सुब्रमणियन को अस्पताल पहुंचने का आदेश दिया. उन्होंने पड़ोसी तिरुचिरापल्ली जिले से मंत्री अन्बिल महेश को भी राहत कार्य में मदद के लिए लगाया है. सीएम ने पुलिस और डॉक्टरों से लोगों की हर संभव मदद करने को कहा और स्थिति को 'युद्ध स्तर' पर संभालने का निर्देश दिया है.

पीएम मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर ट्वीट कर कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. वहीं, विपक्षी दलों ने भी घटना पर चिंता जताई है. खुद विजय ने बाद में भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील की और सत्ताधारी डीएमके सरकार पर करूर एयरपोर्ट वादे को पूरा न करने का आरोप लगाया.

विजय ने खुद संभाले हालात

विशेष रूप से तैयार किए गए अभियान बस से भाषण दे रहे विजय ने जैसे ही देखा कि भीड़ में लोग बेहोश हो रहे हैं, उन्होंने तुरंत अपना भाषण रोक दिया. वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने शोर मचाकर ध्यान दिलाया कि कई लोग गिर पड़े हैं और बच्चे लापता हो सकते हैं. इसके बाद विजय ने पानी की बोतलें भीड़ की तरफ फेंकनी शुरू कर दीं और बार-बार पुलिस से मदद की अपील करते रहे.

एंबुलेंस को रास्ता बनाने में हुई मुश्किल

भीड़ इतनी ज्यादा घनी हो गई थी कि एंबुलेंस को रास्ता बनाने में भारी दिक्कत हुई. कई बेहोश लोगों को कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मिलकर पास के अस्पतालों तक लेकर गए. बताया जा रहा है कि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. करूर जिले में स्थित अस्पतालों में भीड़ लग गई और डॉक्टरों को तुरंत आपात प्रबंधन करना पड़ा.